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गौरैया के 1580 घोंसले बांटे

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विश्व गौरैया दिवस पर बच्चों को जागरुक करते वनकर्मी एवं जनप्रतिनिधि। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में गौरैया को संरक्षण देने के लिए वन विभाग ने पहल शुरू कर दी है। विश्व गौरैया दिवस तक विभाग ने बिजनौर सामाजिक वानिकी में 1580 घोंसले बांटे दिए हैं। खास बात है कि विभागीय कर्मी दो माह के अंतराल पर इन घोंसले की मॉनीटरिंग करेंगे। संरक्षक कर्त्ता को आवश्यक जानकारी और दिशानिर्देश भी देंगे। 
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प्रत्येक वर्ष 20 मार्च को गौरैया दिवस मनाया जाता है। आमतौर पर मानवीय आवास में मिलने वाली गौरैया धीरे-धीरे विलुप्त होने लगी है। शासन ने इस वर्ष गौरैया के संरक्षण को अभियान चलाया। कंकरीट की बिल्डिंग बनने के बाद खत्म हुए गौरैया के आवास को वन विभाग ने पुन: स्थापित करने का बीड़ा उठाया। गौरैया संरक्षण के तहत शासन ने बिजनौर सामाजिक वानिकी को करीब 1000 घोंसले सामाजिक संगठनों और अन्य पक्षी प्रेमियों के सहयोग से बनवाकर वितरित करने का लक्ष्य दिया था। वन विभाग ने लक्ष्य से बढ़कर बिजनौर वानिकी की सभी छह रेंजों में 1580 घोंसले वितरित किए। 

ये घोंसले अधिकांश सरकारी स्कूल, सरकारी विभागों की बिल्डिंग, ग्राम प्रधान व घोंसले रखने के इच्छुक नागरिकों को वितरित किए गए। साथ ही सभी  का रिकार्ड (नाम, पता, मोबाइल नंबर सहित) दर्ज कर लिया है। विभाग ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
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संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करेंगे
वन विभाग के पास सभी व्यक्तियों और सरकारी भवनों के नाम पता दर्ज है। विभाग के वनकर्मी प्रत्येक दो माह के अंतराल पर संबंधित स्थानों की मॉनीटरिंग करेगी। टीम देखेगी कि घोंसले में गौरैया ने रहना शुरू किया है अथवा नहीं। यदि रहने लगी है, तो उसने अंडे दिए है या नहीं। घोंसला सही स्थान पर टंगा है अथवा नहीं। इसके अलावा वन कर्मी सभी सदस्यों को गौरैया के संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करेंगे और उसके संबंध में आवश्यक जानकारी देंगे। 
सभी क शपथ दिलाई गई
शिवाला कलां/फीना। एसकेएमपी इंटर कॉलेज मझौला गुर्जर की एनएसएस इकाई का एक दिवसीय शिविर विश्व गौरैया दिवस के रूप में मनाया गया। गोष्ठी में कॉलेज प्रबंधक शिव कुमार गुर्जर ने सभी अध्यापक और छात्रों को शपथ दिलाई की वह गौरैया की रक्षा के लिए अपने घरों की छत दाना ओर पानी अवश्य रखेंगे। प्रधानाचार्य समरपाल सिंह ने गौरैया के विषय में विस्तार से बताया। इस मौके पर कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार, ब्रह्मदेव, दुष्यंत, घनश्याम, जयश्री, सुमन कुमारी आदि उपस्थित रही।

गोष्ठी आयोजित 
बिजनौर। बिजनौर रेंज के तत्वावधान में गांव हेमराज कॉलोनी के प्राइमरी स्कूल में आयोजित गोष्ठी में गांववासियों और बच्चों को गौरैया के संरक्षण के विषय में जानकारी दी। रेंजर सतीश कुमार ने बताया कि गौरैया पहले यह छप्पर के मकान और कच्ची मिट्टी की बने घरों की छतों में रहती थी। पक्के और कंकरीट के मकान बनने से गौरैया का घर नष्ट हो गया। गोष्ठी में ग्राम प्रधान शैफाली अधिकारी, प्रधानाचार्य अवनीश भारद्वाज, बच्चे और गांववासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डिप्टी रेंजर राजेंद्र कटियार, हुकुमद्दीन, रमेश चंद्र, सुनील कुमार राजौरा आदि रहे। 

गौरैया के संरक्षण पर जोर दिया
हरेवली। हरेवली के सावित्री बाई फुले इंटर कॉलेज में विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर वन विभाग की ओर से एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डिप्टी रेंजर नजाकत हुसैन ने गौरैया की उपयोगिता बताते हुए कहा कि हमें उसकी रक्षा करनी चाहिए। कार्यक्रम में वन रक्षक केपी सिंह, वन दरोगा श्यामलाल, लक्ष्मण सिंह, मौ. इदरीश, गिरीराज सैनी, राजाराम, योगराज सिंह, योगेंद्र, आशाराम, ओमपाल, रेनू देवी, प्रमोद कुमारी, रीता रानी, रमा देवी, चंद्रकली देवी रहीं। उधर, अफजलगढ़ बीआरसी कार्यालय पर गौरैया दिवस पर आयोजित गोष्ठी में बीआरसी सुरेंद्र सिंह ने पर्यावरण में गौरैया के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर जितेंद्र कुमार, धर्मवीर सिंह, नीतू रानी, पूनम रानी, राजेंद्र सिंह, हेमेंद्र कुमार, सतवीर सिंह रहे।

‘जन-जन को बताना है गौरैया को बचाना है’
नजीबाबाद/भागूवाला में विश्व गौरैया दिवस पर वन विभाग और सामाजिक वानिकी की ओर से संगोष्ठी एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। सामाजिक संस्थाओं ने भी गौरैया विश्व पर गौरैया को संरक्षण देने का संकल्प लिया।
बिजनौर वन विभाग नजीबाबाद के डीएफओ पीके राघव के निर्देशन में वन विभाग ने गौरैया को विलुप्त होने से बचाने के लिए सभी नागरिकों से सहभागी बनने की सलाह दी। सामाजिक वानिकी ओर से क्षेत्रीय वनाधिकारी डीएस रावत के निर्देशन में गौरैया दिवस पर संगोष्ठियों और घोंसले बाटने का अभियान चलाया गया। राजगढ़ रेंज में आरओ विजेंद्र मलिक की उपस्थिति में पूर्व माध्यमिक विद्यालय राजगढ़ में स्कूली बच्चों के बीच संगोष्ठी आयोजित की गई। विजेंद्र मलिक ने पूरे देश में गौरैया को बचाने के लिए चलाए जा रहे अभियान की जानकारी दी। 
संगोष्ठी में गणेशचंद डवराल, एमके बलोदी, भरतलाल, पूर्व माध्यमिक स्कूल मुख्य अध्यापक ब्रह्मपाल सिंह ने भाग लेते हुए गौरैया को बचाने और उसको उसका आवास दिलाने लिए प्रत्येक नागरिक से जागरूक रहने की सलाह दी। उधर, मंडावली क्षेत्र के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापक मास्टर मुस्तकीम एवं शिक्षिका नीना, हिना कौसर ने बच्चों को विश्व गौरैया दिवस की जानकारी दी।
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