बिजनौर। यूं तो गंगा एक्सप्रेसवे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। मगर इसे हरिद्वार तक विस्तार देने के लिए बिजनौर से भी लिंक मार्ग बनाया जाएगा। इसके लिए बिजनौर में जगह जगह मिट्टी के नमूनों को एकत्र कर जांच चालू कर दी गई है।
मेरठ से प्रयागराज तक एक्सप्रेस वे का निर्माण हुआ है जो अमरोहा में हसनपुर के पास से निकलकर रहा है। अब हसनपुर से हरिद्वार के लिए बिजनौर से होकर एक्सप्रेसवे का लिंक मार्ग प्रस्तावित है, जिसके लिए सर्वे भी चल रहा है। यह जिले के 117 गांव से होकर निकलेगा। निर्माण की तमाम कवायदों के साथ साथ ही बिजनौर की मिट्टी की क्षमता परखने के लिए भी जांच चालू कर दी गई है। चांदपुर से होते हुए झालू के पास तक तमाम जगहों पर मिट्टी के नमूने एकत्र किए गए हैं।
किया जा रहा मिट्टी का वर्गीकरण
जगह जगह बोरवेल करते हुए मिट्टी निकाली जा रही है। इसमें यह भी देखा जाएगा कि रेत, गाद और चिकनी मिट्टी का अनुपात कितना है। साथ ही यह मिट्टी की ताकत और भार सहने की क्षमता को मापा जा रहा है, जो सड़क की मोटाई के लिए जरूरी होता है।
अलाइनमेंट को लेकर विरोध भी शुरू
गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए पहले बिजनौर से ही मांग उठी मगर अब इसका विरोध भी चल रहा है। तमाम गांव के लोगों ने कुछ दिनों पहले प्रशासन को ज्ञापन भी दिया था, जिसमें कहा गया था कि यह एक्सप्रेस वे गंगा के किनारे से निकलना चाहिए, न कि उपजाऊ जमीन से।
पानीपत गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए भी नमूने किए जा रहे एकत्र
पानीपत गोरखपुर एक्सप्रेसवे भी बिजनौर से होकर निकलेगा। इसके निर्माण के लिए भी जगह जगह से मिट्टी के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। जेसीबी से गहराई तक खोदने के बाद नमूने लिए जा रहे है।