- फसल में दवा का छिड़काव करते हुए सांप ने काटा
- एक घंटे बाद चला पता, चिकित्सकों के अलावा झाड़-फूंक करने वालों ने भी की पूरी कोशिश
संवाद न्यूज एजेंसी
कोतवाली देहात। क्षेत्र के ग्राम सराय डडूंबर निवासी सर्पदंश का शिकार नईम (42) करीब 20 घंटे तक मौत से जूझता रहा। परिजन उसके कभी अस्पताल तो कभी झाड़-फूंक करने वालों के पास लेकर गए। घर पर भी घंटों तक उसे बचाने के लिए जद्दोजहद चली लेकिन शनिवार की दोपहर उसकी मौत हो गई।
नईम शुक्रवार की शाम करीब चार बजे अपने भाई के साथ ईख के खेत में दवा का छिड़काव कर रहा था। इस दौरान उसके पैर में सांप ने डस लिया। उसे लगा कि पैर में कांटा चुभ गया है, इसलिए ज्यादा ध्यान नहीं दिया। थोड़ी ही देर में उसकी हालत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर गया। भाई उसे घर लेकर आया और कोतवाली के एक चिकित्सक के पास ले जाया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि शुरुआत में सब सोचते रहे कि नईम पर छिड़की जा रही दवा का असर हुआ है लेकिन बाद में परिजनों को सर्पदंश का पता लगा। परिजन उसे बिजनौर के अस्पताल में ले गए। वहां चिकित्सक ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद मुजफ्फरनगर व जिले में कई स्थानों पर चिकित्सकों एवं झाड़-फूंक करने वालों को दिखाया। क्षेत्र के ही एक गांव के देसी उपचार करने वाले लोग उसे बचाने की जद्दोजहद में लगे रहे लेकिन दोपहर करीब 12 बजे नईम ने दम तोड़ दिया। नईम मुंबई में रहकर काम करता था। ईद पर गांव आया था तथा खेती के काम में हाथ बंटा रहा था। वह पांच भाइयों में सबसे बड़ा था तथा उसके चार बच्चे हैं।
गिरिराज