छोटे विद्युत फीडर दूर करेंगे फाल्ट की समस्या
बिजनौर। यदि सब कुछ योजना के तहत हुआ, तो जिला मुख्यालय पर गर्मी के दिनों में उपभोक्ताओं को लंबे समय तक फाल्ट से हुए शटडाउन होने पर विद्युत कटौती से जूझना नहीं पड़ेगा। पावर कारपोरेशन ने जिला मुख्यालय पर लंबे फीडर को छोटे फीडर में बदलेगा। वर्तमान में शहर के उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति के लिए 16 फीडर संचालित है। रिवैम्प योजना के तहत लंबे फीडरों को छोटे करने का प्रस्ताव भेजा गया है।
जिला मुख्यालय पर उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति के लिए बुखारा तथा आवास-विकास उप विद्युत केंद्र हैं। दोनों बिजलीघरों से ही शहर में आपूर्ति होती है। दोनों बिजलीघर के करीब 16 फीडरों से उपभोक्ताओं आपूर्ति हो रही है। आवास- विकास बिजलीघर शहर की पश्चिम दिशा में है और यहां से शहर के पूर्वी छोर तक विद्युत फीडर पहुंच रहे है। यदि इन फीडरों में किसी जगह में लाइन में फाल्ट हो जाए, तो पूरा फीडर बंद करना पड़ता है। एक फीडर पर करीब दो हजार उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। फीडर की लाइन में एक जगह फाल्ट होने पर हजारों उपभोक्ताओं को कटौती का दंश झेलना पड़ता है। फाल्ट की तलाश कर फील्ड स्टाफ जब तक उसे ठीक करते थे। तब तक उसे जुड़े उपभोक्ताओं को कटौती से जूझते रहते थे। इसलिए पावर कारपोरेशन के अफसरों ने इस समस्या से उपभोक्ताओं को निजात दिलाने को फीडर बढ़ाने का प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दिया है।
उपभोक्ता रामौतार सिंह का कहना है कि गर्मी के दिनों में लोड अधिक बढ़ने पर लाइनों में फाल्ट आदि की वजह से कटौती का ग्राफ बढ़ जाता है। उपभोक्ता को इस समस्या का दंश झेलना पड़ता है। एडवोकेट नृपेंद्र देशवाल ने बताया कि फाल्ट की वजह से कटौती लंबे समय तक होती है। फीडर छोटे होने से आपूर्ति में सुधार होगा।
गर्मी में लोड अधिक होने पर फाल्ट आदि की समस्या न आए, इसके लिए फीडरों को छोटा किया जाएगा। इससे आपूर्ति के दौरान कोई फाल्ट आता है, तो वह जल्द सही हो जाएगा। उपभोक्ता को कटौती की समस्या से निजात मिलेगी
- नंदलाल, अधीक्षण अभियंता, बिजनौर