बिजनौर में गंगा बैराज के तटबंध का कटान को रोकने के लिए रेत के कट्टे भरते मजदूर। संवाद
बिजनौर। गंगा बैराज का तटबंध आसपास के गांव के लिए ही नहीं बल्कि बिजनौर शहर के निचले इलाकों में बसी आबादी के लिए भी अहम है। रविवार को गंगा की धारा बिजनौर बैराज के तटबंध तक आ पहुंची, तब जाकर अफसरों की नींद टूटी। बाढ़ चौकी ने भी कोई अलर्ट नहीं किया। बताया गया कि कटान पिछले कई दिनों से चल रहा है, लेकिन जिले में जिम्मेदार अफसर गहरी नींद में सोते रहे। अब तटबंध पर बनी सड़क का भी आधा हिस्सा गंगा में समाया तो अफसरों की नींद टूटी।
एसडीआरएफ तैनात, अलर्ट जारी
बिजनौर गंगा बैराज पर कटान की हालत को देखते हुए एसडीआरएफ को तैनात किया गया है। दरअसल, तटबंध के मरम्मत और कटान को रोकने के लिए किया जा रहे काम में भी तमाम मजदूर और कर्मचारी लगे हुए हैं। आपात स्थिति में एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू कर सकेगी। लोगों से रात में जागने की अपील की जा रही है। बताया कि अगर तटबंध टूटा तो गंगा का पानी आसपास के कई गांव में सीधे घुस जाएगा।
बिजनौर में गंगा बैराज के तटबंध का कटान को रोकने के लिए रेत के कट्टे भरते मजदूर। संवाद