फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सर्दियों में भी नहीं थम रही त्वचा संबंधी समस्या

विज्ञापन
विज्ञापन
सर्दियों में भी कम नहीं हुई त्वचा संबंधी समस्या
विज्ञापन

बिजनौर। सर्दियों में भी त्वचा संबंधी रोगों की समस्या बढ़ रही है। मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में उपचार कराने आए 5283 में से करीब 1283 मरीज चर्म रोग से संबंधित पाए गए।
ठंड का मौसम वैसे तो सेहत के लिए काफी बेहतर होता है, लेकिन त्वचा रोग इसमें भी होने का खतरा बना रहता है। चिकित्सक इसकी प्रमुख वजह वायुमंडल में नमी की कमी को मानते हैं। लोग पानी कम पीते हैं, जिससे परेशानी होने लगती है। इन दिनों सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों तक में त्वचा संबंधी मरीज चिकित्सकों के पास आ रहे हैं। सर्दी में त्वचा से नमी गायब हो रही है। ऐसे में चेहरे पर रूखापन आम बात हो गई है। खासकर पैरों की त्वचा सख्त होकर फटने, उनमें दर्द, खुजली की समस्या से लेकर मरीज चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। एड़ी फटने के केस मिलना भी सामान्य बात हो गई है। एलोपैथी एवं होम्योपैथिक चिकित्सक दोनों के यहां पर ही काफी मरीज रहते हैं।
विज्ञापन

जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डा. राजीव रस्तोगी बताते हैं कि शरीर के किसी भी हिस्से में त्वचा संबंधी रोग हो सकते हैं। हमें हर मौसम में अपने पूरे शरीर की सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। विशेषकर इस मौसम में शरीर में नमी बनाए रखने की बेहद ही आवश्यकता है। कम से कम हर दिन पांच लीटर पानी का हर व्यक्ति को सेवन अवश्य करना चाहिए, जिससे शरीर में पनपने वाले बैक्टीरिया यूरिन के रास्ते बाहर निकलते रहें।
विज्ञापन

नगर के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक कपिल कुमार शर्मा का कहना है कि जिन लोगों के पैरों में परेशानी है। वे अपने तलवों को गुनगुने पानी से साफ करके उसे साफ नरम कपड़े से सुखाएं। इसके बाद चिकित्सक की सलाह पर कोई क्रीम अथवा जैल लगाएं। पैरों को आराम देने के लिए मौजे और कपड़े के जूते पहनें। साबुन वाले पानी, धूल, मिट्टी में कम से कम जाएं। चेहरे पर समस्या हो तो रात में साफ करके हल्की क्रीम लगाएं, उसे रगड़ें बिल्कुल नहीं। चाहें तो देसी तेल में मोम मिलाकर उसका जैल बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे भी त्वचा का रूखापन और इससे संबंधित अन्य समस्याएं भी दूर हो जाएंगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें