28 मई 2019 को प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान और उसके भांजे शादाब की कर दी गई थी हत्या
शाहनवाज ने शूटर जब्बार और दानिश से दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिलाया था
हाजी अहसान के बेटे साहिल ने अकराज और सुमित के संग मिलकर की थी शाहनवाज की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। नजीबाबाद के प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान और उसके भांजे शादाब की गोली बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इस दोहरे हत्याकांड का बदला लेने के लिए ही हाजी अहसान के बेटे साहिल ने साथी अकराज और शूटर सुमित के संग मिलकर शाहनवाज की हत्या को अंजाम दिया था। घटना के समय साहिल और अकराज के नाबालिग होने के कारण उनके केस की सुनवाई पर हाईकोर्ट से स्टे है। शूटर सुमित को दोषी करार दिया गया है।
बता दें कि 28 मई 2019 को प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान और उसके भांजे शादाब की उनके ऑफिस में घुसकर ही हत्या कर दी गई थी। आरोपी मिठाई के डिब्बे में हथियार लेकर पहुंचे थे। शाहनवाज ने शूटर जब्बार और दानिश से दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिलाया था। इसके बाद शाहनवाज दिल्ली में गिरफ्तार हुआ था।
दोहरे हत्याकांड की सुनवाई के लिए शाहनवाज को 17 दिसंबर 2019 को बिजनौर कोर्ट में लाया गया। कोर्ट में ही हाजी अहसान के बेटे साहिल ने अपने साथी अकराज और शूटर सुमित निवासी शामली के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी।
मुख्तार अंसारी का करीबी था शाहनवाज
कोर्ट में मारा गया शाहनवाज पूर्वांचल के डॉन रहे मुख्तार अंसारी का करीबी बताया जाता था। शाहनवाज ने भी नजीबाबाद क्षेत्र में प्रॉपर्टी के कारोबार पर कब्जा करने के लिए हाजी अहसान को रास्ते से हटवा दिया था। हाजी अहसान हत्याकांड का मामला अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत में विचाराधीन है।
शाहनवाज को लगी थी 11 गोलियां
कोर्ट में हुई शाहनवाज की हत्या से सनसनी फैल गई थी। पोस्टमार्टम में साफ हुआ था कि उसे 11 गोली लगी थीं। आरोपी उसके मर जाने तक गोलियां बरसाते रहे थे। गोलियों की तड़तड़ाहट से जजी परिसर में अफरा तफरी मच गई थी।