बिजनौर। शरदकालीन व आने वाले समय में किसान अपने खेतों पर गन्ने की बुवाई के लिए उन्नत गन्ना प्रजाति बीज का चयन करें। बीज ऐसे खेत से चयनित करें, जिस खेत में बीमारी का प्रकोप न हो या नवीनतम प्रजाति का ही चयन करें। कृषि विज्ञान केंद्र नगीना के वैज्ञानिक डॉ. केके सिंह ने किसानों से गन्ना प्रजातियों के बदलाव पर ध्यान देने को कहा।
वैज्ञानिक डॉ. केके सिंह ने कहा कि 0238 गन्ना प्रजाति बीमारी के प्रकोप में आ गई है। इस कारण किसान उत्पादन लागत बढ़ती जा रही है। अब समय आ गया है कि किसान 0238 के स्थान पर दूसरी नवीनतम प्रजातियां जैसे को 15023, कोशा 13235, कोलख 14201, कोलख 16202, कोशा 17231, कोशा 18231, कोशा 19231 जैसी प्रजातियों को अपनी खेती में स्थान दें।
कहा कि बुवाई से पूर्व गन्ने के बीज का चयन सावधानी पूर्वक करें। कहा कि पोषक तत्व के रुप में 180 किलोग्राम नत्रजन, 80 किलोग्राम फास्फोरस एवं 60 किलोग्राम पोटाश प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करें।