शेरकोट। वन के अंदर से पेड़ काटकर लकड़ी की तस्करी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब हरेवली के पास रामगंगा बैराज के जलाशय में स्कॉर्पियों गाड़ी गिरी तो तस्करी का खुलासा हुआ है। दरअसल इस स्कॉर्पियों में खैर की लकड़ी भरी मिली है। जोकि प्रतिबंधित है। गाड़ी के शीशे तोड़कर तस्कर फरार हो गए। पुलिस ने खैर की लकड़ी से लदी गाड़ी को क्रेन के जरिए निकलवाकर कब्जे में ले लिया है।
मंगलवार रात करीब 12 बजे बढ़ापुर वन क्षेत्र की ओर से आ रही कोहरे के चलते अनियंत्रित होकर रामगंगा नदी के बैराज के जलाशय में गिर गई। जिस जगह गाड़ी गिरी, वहां बीस से तीस फीट गहरा पानी था। गाड़ी डूबने के बजाए तैरने लगी। हालांकि तस्कर शीशा तोड़कर मौके से भाग निकले। पुलिस को खबर लगी तो गाड़ी को क्रेन के जरिए पानी से बाहर निकलवाया गया। गाड़ी के अंदर खैर की लकड़ी भरी थीं। वन विभाग ही नहीं पुलिस की चेकिंग व्यवस्था पर खैर से भरी गाड़ी ने सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह गाड़ी बढ़ापुर वन क्षेत्र की तरफ से हरवेली की तरफ आ रही थी।
n पहले भी पकड़ा जा चुका है खैर की लकड़ी से भरा वाहन : पुलिस ने दिसंबर में खैर की लकड़ी से लदी पिकअप गाड़ी पकड़ी थी, जिसमें एक लाख रुपये से अधिक की लकड़ी भरी थी। हालांकि पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज तो की थी।
सीओ आलोक सिंह का कहना है कि प्रारंभिक जांच में गाड़ी से खैर की लकड़ी होने की पुष्टि हुई है। प्रकरण में लकड़ी तस्करी के पहलू पर छानबीन की जा रही है। वाहन चालक की तलाश की जा रही है। मामले को लेकर वन विभाग से भी रिपोर्ट मांगी गई है।