फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सत्ता का संग्राम: धामपुर के लोग सरकार और विधायक के काम से कितना संतुष्ट ? जानें मतदाताओं के 'मन की बात'

Mon, 31 Aug 2026 06:52 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, धामपुर

सार

यूपी में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा का चुनाव होना है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी छोटे-बड़े दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुट गए हैं। सपा जहां अपनी खोई हुई जमीन वापस पाना चाहती है,वहीं भजापा लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के लिए पूरा जोर लगा रही है। इसी कड़ी में धामपुर  विधानसभा सीट पर अमर उजाला की टीम ने लोगों से बातचीत की। ये सीट बिजनौर  जिले में आती है और नगीना लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है।
विज्ञापन
सत्ता का संग्राम धामपुर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा का चुनाव होना है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी छोटे-बड़े दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुट गए हैं। सपा जहां अपनी खोई हुई जमीन वापस पाना चाहती है वहीं भजापा लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के लिए पूरा जोर लगा रही है। भाजपा सरकार के कामकाज से जनता कितना संतुष्ट है और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार को लेकर लोगों की राय क्या है? प्रदेश की जनता के 'मन की बात' जानने के लिए आमर उजाला ने एक अभियान चलाया है जिसका नाम है 'सत्ता का संग्राम'। इस अभियान के तहत अमर उजाला की टीम प्रदेश की सभी विधानसभाओं में जाकर तमाम मुद्दों को लेकर लोगों से बात कर रही है और ये जानने की कोशिश कर रही है कि क्षेत्र के मौजूदा विधायक के काम-काज से जनता कितना संतुष्ट है? इसी कड़ी में धामपुर  विधानसभा का अमर उजाला की टीम ने जायजा लिया।
विज्ञापन


धामपुर के युवाओं के मन में क्या?
धामपुर विधानसभा क्षेत्र में अमर उजाला की टीम ने यहां के युवाओं से बात की। बातचीत के दौरान प्रीत कुमार चौहान ने बताया कि अगर ग्राउंड लेवल तक जाकर देखा जाए तो एग्जैक्ट डिटेल जानकारी मुझे नहीं है। जो मैंने अपनी आंखों से देखा है वो चीजें मैं बता सकता हूं।  कुछ हद तक चीजें बदली हैं। जो उम्मीदें थी वहां तक काम नहीं हो पाया है। वहीं रचित कुमार ने कहा कि धामपुर विधानसभा में मैंने देखा है कि काफी हद तक काम हुआ है। पानी की समस्या है, मैंने पिछली बरसात में और इस बरसात में देखा है कि सड़कों पर काफी हद तक पानी भरा हुआ था और ट्रांसपोर्ट में बहुत समस्या आ रही थी। वहीं रीति कुमार ने बताया कि सड़क, इलेक्ट्रिसिटी और एजुकेशन सिस्टम में थोड़ा बदलाव होना चाहिए।


धामपुर में महिला सुरक्षा की क्या है जमीनी हकीकत?
धामपुर विधानसभा क्षेत्र में बातचीत के दौरान खुशी ठाकुर ने पेपर लीक और महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया। वहीं आगे बातचीत के दौरान मतिहा जैदी ने कहा कि  लड़कियां सुरक्षित होनी चाहिए। एजुकेशन हमारी अच्छी होनी चाहिए। टीचर्स हैं हमारे बहुत अच्छा हमें मोटिवेशन देते हैं। सपोर्ट करते हैं। स्पोर्ट्स बहुत अच्छा है हमारे कॉलेज का। वहीं शहरीन ने बताया कि हमारे जो विधायक हैं और चेयरमैन हैं इन्होंने अब तक बहुत अच्छा काम किया है। मतलब जहां-जहां उनको करना चाहिए था उन्होंने वहां वहां किया है। 
विज्ञापन




धामपुर की जनता ने उठाया आरक्षण का मुद्दा
धामपुर विधानसभा में लोगों ने आरक्षण का मुद्दा उठाया। बातचीत के दौरान लोगों ने कहा कि हमारा नरेंद्र मोदी सरकार से यह कहना है कि जो जंतर- मंतर पर आरक्षण को लेकर आवाज उठाई जा रही है उसे सरकार को सुनना चाहिए। आगे लोगों ने कहा कि जातिगत आधार पर नहीं आर्थिक आधार लोगों को आरक्षण मिलना चाहिए। सभी जातियों में जो भी गरीब है उसे आरक्षण मिलना चाहिए। वहीं मेहराजुल हसन ने कहा कि आरक्षण अगर व्यवस्था संविधान ने दी है तो उनको सिर्फ एक बार आरक्षण का लाभ दो। एक व्यक्ति को अगर आपने एक बार लाभ दे दिया तो उसकी जनरेशन पूरी फिट हो जाती है। उसके बाद उसके बच्चों को आरक्षण नहीं मिलना चाहिए। 



धामपुर के किसानों का सबसे बड़ा मुद्दा क्या? 
धामपुर में किसानों से बातचीत के दौरान महेंद्र पाल सिंह ने खाद की किल्लत का मामला उठाया। वहीं चौधरी कविराज ने कहा कि जल निगम द्वारा जो नाली खुदवाई गई थी टंकी की यह जर्जर पड़ी है। आज तक किसी गांव में कोई टंकी तैयार नहीं है। वहीं अजय सिंह ने कहा कि जब तक हमारे देश में शिक्षा और चिकित्सा सामान्य नहीं होगी हमारा देश उन्नति नहीं करेगा।
 

जीत के बाद विधायक की सक्रियता पर सवाल? 
धामपुर विधानसभा क्षेत्र के तहसील परिसर में डॉक्टर एनपी सिंह ने कहा कि प्रतिनिधियों का आम जनता से संवाद टूटना अपने आप में बहुत बड़ी समस्या है।  उत्तर प्रदेश की सरकार से कोई परेशानी नहीं। सबका साथ के आधार पर चल रही है। हमारे प्रतिनिधियों का संवाद पब्लिक से टूटा। उसकी वजह से बहुत सारी परेशानी आ रही है। जब तक संवाद बना रहता तो कहीं कोई परेशानी नहीं आती और अगर संवाद टूटता है तो परेशानी आती है वही सबसे बड़ा कारण है। वहीं आगे नरेंद्र कुमार राजपूत ने सीएम योगी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनके कुर्ते में जेब नहीं है, उनके पास कोई बैग नहीं है उनके चेहरे पे ही चुनाव होगा, उनको ही वोट डालना है।
विज्ञापन





 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें