हल्दौर के गांव अजीजपुरा खेड़ा के पास सड़क का नमूना लेती टीम।
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तीन सदस्य टीम ने लिए सड़क के नमूने
छाछरी मोड़ (बिजनौर)। गांव अजीजपुरा खेड़ा से नहर पटरी पर नहटौर खंड की झाल तक बन रही सड़क के नारियल से टूटने का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। चर्चित प्रकरण में सोमवार को मंडलायुक्त के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय तकनीकी ऑडिट टीम ने यहां पहुंच कर सड़क निर्माण में लगी सामग्री की जांच के लिए सैंपल लिए।
टीम में शामिल लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र सिंह रामपुर ने कहा कि नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। सिंचाई खंड बिजनौर द्वारा गांव अजीजपुरा खेड़ा से नहर फाल से होते हुए झालू तक नहटौर खंड की साढ़े सात किलोमीटर सड़क बनाई जा रही है। यह सड़क गांव से नहर फाल तक 700 मीटर बनकर तैयार हो चुकी थी, जिसका शुभारंभ दो दिसंबर को सदर विधायक सूची चौधरी द्वारा किए जाने के दौरान नारियल फोड़ते समय सड़क टूट गई थी। जिला अधिकारी उमेश मिश्र की संस्तुति पर मंडलायुक्त मुरादाबाद ने प्रकरण में तीन सदस्य तकनीकी ऑडिट टीम गठित की। जिसके चलते सोमवार को लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र सिंह रामपुर टीम के साथ मौके पर पहुंचे, जिन्होंने 700 मीटर बनी सड़क की जांच की और नमूने लिए।
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि बनी सड़क के जांच हेतु नमूने ले लिए गए हैं, जिन्हें अधिकारियों के निर्देश पर लैब के लिए भिजवाया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सड़क निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा। जांच टीम में उनके साथ मनीष सोनकर मुरादाबाद मंडल टीएसी, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता केआर खान मौजूद रहे। याद दिला दें कि इससे पूर्व चार दिसंबर और नौ दिसंबर को मंडल और जिला स्तर पर मामले में सड़क निर्माण के दो बार नमूने जांच के लिए ली जा चुके हैं।