टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी। वहीं निर्माण सामग्री का नमूना फिर से लिया जाएगा। जिसकी जांच भी पीडब्ल्यूडी की लैब में ही होगी। बता दें कि दो दिसंबर को सदर विधायक सुचि मौसम चौधरी और भाजपा नेता ऐश्वर्य मौसम चौधरी सवा करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क का उद्घाटन करने के लिए पहुंचे थे। सदर विधायक ने उद्घाटन का नारियल तोड़ना चाहा तो वह टूटा ही नहीं।
तीन बार किए गए प्रयास में सड़क उखड़ का बिखर गई थी। इसके बाद सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगा और खूब बखेड़ा हुआ। मामले में सहायक अभियंता सुरेंद्र और जेई शिवानी गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। जबकि अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मामले की जांच के लिए डीएम ने भी मंडलायुक्त को पत्र लिखकर तकनीकी ऑडिट टीम बनाने की सिफारिश की है। वहीं सिंचाई खंड के मुख्य अभियंता आरपी सिंह ने भी दो सदस्यीय टीम का गठन कर दिया था। यह टीम जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी।