भाजपा सरकार बनने के बाद गुंडे माफिया या तो जेल चले गए अथवा प्रदेश छोड़ गए। प्रदेश में अब कानून का राज है। पिछली सरकार में त्योहार मनाने पर पाबंदी थी, जबकि भाजपा सरकार में कांवरियों पर आकाश से फूल बरसाए जाते हैं। अयोध्या में दीपोत्सव व कृष्ण नगरी मथुरा में होली शान से मनाई जाती है।
मुज्जफरनगर दंगा सपा की नाकामी है। उस समय हत्यारों को सपा सरकार के इशारे पर छोड़ दिया गया था, जिससे दंगा हुआ। सपा, बसपा, रालोद व कांग्रेस लोगों को लड़ाकर सत्ता में आना चाहती हैं। विरोधी पार्टियां तुष्टीकरण की राजनीति करती हैं, जबकि भाजपा विकास की राजनीति करती है।
सपा और बसपा शासन में केवल पांच जिलों में ही विकास होता था, जबकि भाजपा सरकार में सभी 75 जिलों में समान रूप से विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में जनपद की सभी सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों को जिताने की अपील की।