जोगीरम्पुरी दरगाह पर चौथे दिन भी गममीन रहा माहौल, जारी रही मजलिसें
या अली मौला अली, मुश्किल कुशा मौला अली की गूंजी सदाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद (बिजनौर)। नजफ-ए-हिंद जोगीरम्पुरी दरगाह परिसर में चौथे दिन भी माहौल गमगीन रहा। शमशुल हसन हॉल से इंसानियत के पैगाम के साथ वाकयाते कर्बला बयां किए गए। क्रूर बादशाह यजीद के जुल्म की दास्तां सुनकर जायरीन जार-जार रोए और सीनाजनी की।
शमशुल हसन हॉल से रविवार को तड़के शुरू हुई मातमी मजलिसों का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। मजलिस को खिताब करते हुए उलमा ने हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत का जिक्र किया। उलमा ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों ने दीन और इस्लाम की हिफाजत के लिए यजीद के आगे घुटने नहीं टेके। मासूम बच्चों ने भी इस जंग में शहादत देकर इस्लाम को बचाने में अपना नाम दर्ज कराया।
उलमा ने कुरान की हिदायतों पर अमल करने, अपने पैगंबर और इस्लाम के रहबरों की कुर्बानियों से सबक लेने की सलाह दी। नसीमुल बाकरी के संचालन में आयोजित मातमी मजलिस को मौलाना मैराज मंगलोरी, मौलाना हैदर मेहदी जैदी, मौलाना सरताज, मौलाना रोशन अली, मौलाना अली नकी नकवी, मौलाना कल्बे हसन, डॉ. हसन अख्तर, मौलाना शमशाद जाफरी ने भी खिताब किया।
हजारों जायरीनों ने नम आंखों से मांगीं दुआएं
दरगाह परिसर में मौला-ए-कायनात की बारगाह में जायरीनों का नम आंखों से दुआ और मन्नतें मांगने का सिलसिला लगातार जारी रहा। जनाबे फातिमा-जेहरा, जनाबे सकीना, हजरत अब्बास के रोजे, सैय्यद राजू की मजार पर हजारों जायरीनों ने पहुंचकर दुआएं मांगीं।
खिदमत-ए-खल्क का दिखाया जज्बा
मातमी मजलिसों के दौरान कई अंजुमनों, दरगाह कमेटी, सामाजिक संस्थाओं की ओर से निशुल्क चिकित्सा, पेयजल और भोजन वितरण के शिविर लगाए गए। दरगाह कमेटी के अध्यक्ष इरम अली जैदी, सचिव कसीम अब्बास, डॉ. आफताब नकवी ने दरगाह परिसर में जायरीनों को शरबत पिलाया। जायरीन वेलफेयर एसोसिएशन जोगीपुरा के अध्यक्ष विसाल मेहंदी और नगर पालिका परिषद ने रेलवे स्टेशन पर सहायता और पेयजल शिविर से जायरीनों की मदद की। विवेक कॉलेज ने जायरीनों को निशुल्क यातायात सुविधाएं दी। शिया वेलफेयर सोसायटी और इलेक्ट्रो होम्योपैथी एसोसिएशन एवं स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाकर जायरीनों को स्वास्थ्य सेवाएं दीं।