पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची जारी
बिजनौर/जलीलपुर/चांदपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची मंगलवार को जारी हो गई है। अधिकारियों की टीम करीब दो हजार पेज के इस पुलिंदे को सारे दिन अंतिम रूप देने में लगी रही। जांच परख के बाद सूची को आम जनता के अवलोकन के लिए जारी कर दिया गया। चुनाव लड़ने के उत्सुक लोग आरक्षण की जानकारी के लिए सबेरे से ही ब्लॉक मुख्यालयों पर डटे रहे।
जिले में 1123 ग्राम पंचायत हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य व प्रधान के लिए चार श्रेणी में आरक्षण किया गया है। करीब आठ हजार से अधिक पदों का आरक्षण हुआ है। आरक्षण की प्रक्रिया 20 फरवरी से चल रही थी। डीएम रमाकांत पांडेय ने सूची जारी करने से पहले अच्छी तरह से जांच परख करने को कहा था। इसलिए सीडीओ केपी सिंह के निर्देशन में विकास भवन के सभागार में अधिकारियों की इसे अंतिम रूप देने में लगी रही। टीम ने हर ब्लॉक के आरक्षण का मिलान किया। इस दौरान डीपीआरओ सतीश कुमार, एडीपीआरओ संदीप अग्रवाल मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि आरक्षण सूची करीब दो हजार पेज में तैयार हुई है। इनमें 1123 पृष्ठ ग्राम पंचायत सदस्य के हैं। बाकी करीब 900 पृष्ठ प्रधान, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्य के हैं। आरक्षण सूची देखने के लिए सुबह से ही ग्रामीण ब्लाकों में आने शुरू हो गए थे। प्रकाशन में देरी से दावेदारों की बेचैनी बढ़ रही थी। लोग सूची देखने के लिए शाम तक डटे रहे। शाम को करीब साढ़े छह बजे सूची का प्रकाशन हुआ। विकास खंड जलीलपुर में 110 ग्राम पंचायतों में से केवल 39 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद अनारक्षित रहेगा। वहीं क्षेत्र पंचायत सदस्यों के 130 वार्ड हैं, इनमें मात्र 46 वार्ड अनारक्षित रहेंगे। पंचायत चुनावों में आरक्षण की स्थिति को लेकर भावी उम्मीदवारों में बेचैनी बनी रही।
महिलाओं के आरक्षित हुईं 185 ग्राम पंचायतें
बिजनौर। आरक्षण सूची में कहीं पर निगाहें, कहीं पर निशाना की झलक मानी जा रही है। 25 साल से आरक्षित नहीं होने वाली पंचायत पहली बार आरक्षित हुई हैं। आरक्षण में वंचितों को मौका मिला है। देश की आधी आबादी को पंचायतों में नेतृत्व क्षमता दिखाने के लिए आगे लाया गया है। जिले में 185 पंचायतों में महिलाओं को पहली बार आरक्षण मिला है। इन पंचायतों में किसी भी जाति, धर्म, संप्रदाय की महिला चुनाव मैदान में उतर सकती हैं।
पंचायत चुनाव का आरक्षण राजनीतिक फायदा उठाने के लिए किया जाता रहा है। वर्ष 2015 में आरक्षण पिछले आरक्षण को शून्य मानकर किया गया था। जिले में अनेक ऐसी पंचायत थीं जो वर्ष 1995 से आज तक किसी भी वर्ग के लिए आरक्षित नहीं हुई थी। इस बार शासन ने चक्रानुक्रम में आरक्षण का एलान किया था। इससे जहां प्रभावशाली लोग बेचैन थे वहीं वंचितों को अपने राजनीतिक भविष्य के लिए आशा की झलक दिखाई पड़ रही थी।
दो मार्च को आरक्षण सूची का प्रकाशन हुआ। इसमें 680 पंचायतों को आज तक किसी भी श्रेणी में आरक्षण नहीं मिलने की बात सामने आई है। इसमें सबसे अधिक 250 पंचायत अनुसूचित जाति की हैं। माना जा रहा है कि वंचितों की भागीदारी बढ़ाने का असर वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में दिखाई दे सकता है। जिले में 185 पंचायतों में महिलाओं को पहली बार आरक्षण मिला है। इन पंचायतों में किसी भी जाति, धर्म, संप्रदाय की महिला चुनाव मैदान में उतर सकती हैं।
680 पंचायत 25 वर्षों में नहीं हुई आरक्षित
बिजनौर। आरक्षण में अनुसूचित जाति के दावेदारों की सबसे अधिक बल्ले-बल्ले रही। जिले के 11 ब्लॉक में 680 पंचायतें ऐसी हैं जो वर्ष 1995 से अब तक किसी भी श्रेणी में आरक्षित नहीं हुई हैं। शासन ने आरक्षण नीति में निर्देश दिए थे कि इस प्रकार की पंचायतों को सबसे पहले अनुसूचित जाति के लिए उसके बाद जिस श्रेणी में आती हैं, उसमें आरक्षित किया जाए। बताया गया कि अच्छी बड़ी आबादी वाली पंचायतों को काफी पैसा विकास कार्यों के लिए आता रहा है।
वर्ष 1995 से अब तक आरक्षित नहीं होने वाली विभिन्न श्रेणी की पंचायतों की संख्या
अनुसूचित जाति-250
ओबीसी -245
महिला -185
कुल 680
जिला पंचायत सदस्य पद के लिए आरक्षित सूची
बिजनौर। जिला पंचायत सदस्य पद के लिए वार्ड वार आरक्षण की सूची जारी कर दी गई है।
जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार कोतवाली प्रथम, षष्ठम, सप्तम में जिला पंचायत सदस्य पद के लिए अनारक्षित, द्वितीय, तृतीय महिला, चतुर्थ में पिछड़ा वर्ग की महिला, पंचम में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है।
नजीबाबाद प्रथम में पिछड़ा वर्ग की महिला, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ पिछड़ा वर्ग, पंचम, सप्तम में अनारक्षित, षष्ठम पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं।
किरतपुर प्रथम अनुसूचित जाति, द्वितीय, चतुर्थ अनारक्षित, तृतीय महिला के लिए आरक्षित की गई हैं।
मोहम्मदपुर देवमल प्रथम, द्वितीय, चतुर्थ, पंचम अनारक्षित, तृतीय महिला के लिए आरक्षित हैं।
हल्दौर प्रथम अनारक्षित, द्वितीय, चतुर्थ अनुसूचित जाति महिला, तृतीय पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
जलीलपुर प्रथम पिछड़ा वर्ग, जलीलपुर द्वितीय, पंचम अनुसूचित जाति महिला, तृतीय, चतुर्थ पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित हैं।
नूरपुर प्रथम, तृतीय, षष्ठम अनुसूचित जाति, द्वितीय, पंचम अनारक्षित, चतुर्थ महिला के लिए आरक्षित हैं।
नहटौर प्रथम अनुसूचित जाति, द्वितीय, तृतीय महिला, चतुर्थ अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित की गई हैं।
धामपुर प्रथम महिला, द्वितीय, तृतीय पिछड़ा वर्ग, चतुर्थ महिला, पंचम अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित की गई हैं।
स्योहारा प्रथम अनारक्षित, द्वितीय अनुसूचित जाति, तृतीय चतुर्थ पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं।
अफजलगढ़ प्रथम अनुसूचित जाति, द्वितीय, चतुर्थ, पंचम अनारक्षित, तृतीय पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित की गई हैं।