चांदपुर में चावल गबन के मामले में तीन पर रिपोर्ट दर्ज
चांदपुर। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने धान क्रय केंद्र पर क्रय किए गए सरकारी धान को कुटाई के लिए राइस मिल को दिए था। इस धान के सापेक्ष देय सीएमआर का गबन किए जाने के मामले में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
खरीफ विपणन के दौरान धान क्रय एजेंसी उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम बिजनौर के धान क्रय केंद्र चांदपुर पर क्रय किए गए धान की कुटाई के लिए रविंद्र ट्रेडर्स जलीलपुर को अधिकृत किया था। अक्टूबर 2020 को डीएम ने मलिक ट्रेडर्स अफजलगढ़ को भी धान कुटाई के लिए अधिकृत किया गया। नगर में संचालित एसएफसी धान केंद्र के प्रभारी मेहंदी हसन ने धान कुटाई के लिए दो फर्मों का विकल्प होने के बाद भी रविंद्र ट्रडर्स जलीलपुर को धीरे-धीरे खरीदा गया धान कुटाई के लिए दे दिया। लेकिन चांदपुर व नूरपुर में तैनात किए गए धान क्रय केंद्र प्रभारियों ने कुटाई के बाद निकले चावल की ओर ध्यान नहीं दिया।
रविंद्र ट्रेडर्स के स्वामी ने भी कुटाई के बाद निकले चावल को बिजनौर स्थित भारतीय खाद्य निगम के गोदाम में नहीं पहुंचाया। 490.92 मीट्रिक टन धान से निकले 328 मीट्रिक टन चावल की देनदारी रविंद्र ट्रेडर्स पर बनती थी। रविंद्र ट्रेडर्स द्वारा 29 मीट्रिक टन चावल का संप्रदान भारतीय खाद्य निगम बिजनौर में कराया। जिसके समायोजन के उपरांत 299.716 मीट्रिक टन चावल की देयता रविंद्र ट्रेडर्स पर लंबित है। जांच के बाद जिला खाद्य विपणन अधिकारी बिजनौर ने रविंद्र ट्रेडर्स जलीलपुर के रविंद्र कुमार, एसएफसी चांदपुर धान क्रय केंद्र प्रभारी मेहंदी हसन, केंद्र प्रभारी उपमंडी नूरपुर सौवीर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।