बिजनौर। कोरोना को लेकर बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में संसाधनों की परख की गई। कोरोना जांच के लिए जरूरी रीजेंट एक्सपायर पाया गया। आईसीयू के दस में पांच बेड ही क्रियाशील मिले। स्टॉफ की कमी के कारण 30 बेड का वार्ड भी बंद मिला है। सही व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जिला पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. प्रतीक किशोर व एपेडेमियोलॉजिस्ट सैयद अली शाकिर ने मॉकड्रिल के तहत पड़ताल की। कोरोना की आरटीपीसीआर जांच से संबंधित जानकारी की गई। मेडिकल कॉलेज प्राचार्या डाॅ. उर्मिला कार्या ने बताया कि जिला अस्पताल अब मेडिकल कालेज से संबंद्ध है। लैब में जानकारी करने पर पता लगा कि काेरोना केस काफी समय से न आने से आरटीपीसीआर जांच के लिए जरूरी रीजेंट थोड़ा ही बचा था। वह एक्सपायर हो गया था। सीएमएस ने एंटीजन किट, आरटीपीसीआर रीजेंट आदि मंगाने की बात कही। उन्होंने बताया कि उनके पास आईसीयू में 10 बेड की व्यवस्था है। फिलहाल मौजूदा स्टाफ के साथ पांच बेड वर्किंग में हैं। 30 बेड का पीकू वॉर्ड बंद पड़ा है। पुराने महिला चिकित्सालय में बने वार्डों को कोविड प्रोटोकॉल के तहत अलग कर 30 आइसोलेशन बेड की व्यवस्था करने को कहा। ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील है। ऑक्सीजन सिलिंडर व कंसंट्रेटर भी पर्याप्त मात्रा में हैं। पुराना स्टाफ संख्या में कम होने पर भी कोरोना संक्रमितों की देखभाल में पारंगत है। नए स्टाफ को भी प्रशिक्षित कर सकता है।