अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर बिजनौर की अर्थव्यवस्था पर पड़ने लगा है। कच्चा माल महंगा होने से उद्यमियों के माथे पर चिंता की लकीर खींच गई हैं। पीवीसी दाना महंगा हो गया है। इससे जूट के थैले, गत्ते की कीमत भी बढ़ गई हैं, जिसके चलते खांडसारी इकाइयों में 10 प्रतिशत पैकेजिंग लागत बढ़ गई है।
बिजनौर की खांडसारी इकाइयों से जूट के थैलों और गत्ते के कार्टन में पैकिंग कर गुड़ बाहर भेजा जाता है। अब पैकिंग की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। आईआईए के चेयरमैन अवनीश अग्रवाल ने बताया कि जूट पैकिंग सिलने वाला नायलॉन धागा दिल्ली से 42 रुपये में मिलता था। अब यह प्रति किलोग्राम 52 रुपये में मिल रहा है जबकि, गत्ते की कीमत प्रति किलोग्राम 36 रुपये से बढ़कर 38.5 रुपये हो गई है। वहीं, प्रति किलोग्राम सरिया की कीमत 53 रुपये से बढ़कर 56 रुपये हो गई है। इसका असर उद्योग पर पड़ रहा है।
वस्तुओं की कीमत बढ़ने से कृषि, निर्माण, घरेलू उपयोग के उत्पाद महंगे
युद्ध की वजह से तेल और गैस की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव पेट्रोकेमिकल उद्योग पर भी पड़ा है। इससे पीवीसी दाना और अन्य पॉलिमर महंगे हो गए हैं। इन्हीं कच्चे माल से प्लास्टिक की अनेक वस्तुएं तैयार होती हैं। इनमें पानी की पाइप, सिंचाई पाइप, प्लास्टिक की बाल्टी, टंकी, फर्नीचर, विद्युत तारों की कोटिंग, पैकेजिंग सामग्री अन्य उत्पाद शामिल हैं। इन वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से कृषि, निर्माण और घरेलू उपयोग सभी क्षेत्रों की लागत बढ़ रही है।
खांडसारी इकाइयों के अलावा दूसरे उद्योग भी प्रभावित
आईआईए के डिवीजनल चेयरमैन विकास अग्रवाल ने कहा कि प्लास्टिक पॉलिथीन का प्रयोग सभी इकाइयों में होता है। ऐसे में धागों और सिंथेटिक फाइबर की कीमतों में वृद्धि का असर सभी उद्योगों में पैकेजिंग पर पड़ेगा। इनका उत्पादन पेट्रोलियम आधारित कच्चे माल और ऊर्जा से होता है।
नायलॉन धागा मिल रहा है महंगा: मनीष अग्रवाल
खांडसारी इकाई स्वामी मनीष अग्रवाल का कहना है कि खनिज तेलों से ही पीवीसी दाना तैयार होता है। उसी से धागा सहित अन्य चीज तैयार होती है। युद्ध की वजह से ईरान से खनिज तेल नहीं आने से नायलॉन धागा तैयार करने में अधिक खर्च आ रहा है। इसकी वजह से गुड़ पैकेजिंग की कीमत भी बढ़ी हैं।
बाजार में महंगी हो चुकी है चाय
इस्राइल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर सबसे पहले एलपीजी गैस पर नजर आया। घरेलू गैस सिलिंडर में 60 और कमर्शियल सिलिंडर की कीमत में 115 रुपये की वृद्धि हुई। इंडियन ऑयल की वेबसाइट धीमी होने और कमर्शियल सिलिंडर नहीं मिलने से दुकानों पर सामान महंगा मिलने लगा है। बाजार में 10 रुपये प्रति कप मिलने वाली चाय अब 15 रुपये में मिल रही है।