बिजनौर। डीएम रमाकांत पांडेय ने कहा कि स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग का उद्देश्य लेखपत्रों के पंजीकरण की ऐसी सार्वजनिक व्यवस्था की स्थापना करना है, जिसमें संपत्तियों के अंतरण के संबंध में पक्षकारों के बीच तय होने वाले अधिकारों अथवा दायित्वों की संविदा को अधिकारिक रूप से अंकित किया जा सके और आवश्यकतानुसार उन्हें सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जा सके।
शनिवार को विकास भवन सभागार में आयोजित स्टांप एवं निबंधन विधि के क्रियान्वयन विषयक कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए डीएम पांडेय ने कहा कि स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग निबंधन कार्य के अलावा जिले के लोगों को अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं भी प्रदान करता है, जिनमें भूमि के क्रय एवं विक्रय का रजिस्ट्रीकरण, हिंदू विवाह पंजीकरण, वसीयतनामा, मुख़्तारनामा आदि शामिल हैं।
उन्होंने वसीयतनामा, मुख़्तारनामा तथा बैनामा प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देकर अधिकारियों को निर्देश दिए कि निबंधन प्रक्रिया को पारदर्शी रूप से संपादित कराने के लिए नियमों की जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि अक्तूबर 1994 के बाद से जिस जिले में संपत्ति मौजूद है, उसी जिले में ही उसका रजिस्ट्रेशन कराया जाना अनिवार्य किया गया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में शासन द्वारा ऑनलाइन रजिस्ट्री तथा ई-स्टाम्प प्रक्रिया शुरु कर दी गई है, जो बहुत आसान और पारदर्शी है। उन्होंने कहा कि जिला एंव तहसील स्तर पर कार्यरत स्टाम्प एवं निबंधन विभाग के अधिकारियों को नए विकसित क्षेत्रों के सम्यक जानकारी न होने के कारण पक्षकारों द्वारा तथ्यों को छिपाकर स्टांप चोरी करने का प्रयास किया जाता है, जिससे स्टांप राजस्व की प्राप्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने स्तर से लेखपालों को निर्देशित करें कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में विकसित होने वाले नवीन क्षेत्रों एवं प्रचलित बाजार मूल्य की सूचना स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को उपलब्ध कराएं। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्टांप शुल्क के भुगतान, ई-स्टांप विक्रय, रेट लिस्ट पर भी चर्चा की। साथ ही सभी तहसीलों में मूल्यांकन सूची उपलब्ध कराने के निर्देश एआईजी स्टांप को दिए। संचालन एआईजी स्टाम्प विजय कुमार त्रिपाठी ने किया।
इस अवसर पर सीडीओ कामता प्रसाद सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व अवधेश मिश्रा, एडीएम प्रशासन विनोद कुमार गौड़, एडीएम न्यायिक नितिन मदान के अलावा सभी एसडीएम एवं तहसीलदार सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।