बिजनौर में बैराज के पास हैदरपुर वेटलैंड में गंगा किनारे टीम को मिला दुर्लभ प्रजाति का बर्मीज अजग
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हैदरपुर वेटलैंड पर मिला दुर्लभ बर्मीज अजगर
बिजनौर। गंगा किनारे स्थित हैदरपुर वेटलैंड में दुर्लभ प्रजाति का बर्मीज अजगर मिला है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के कार्डिनेटर शाहनवाज खान ने यह प्रजाति ढूंढी है। इससे पहले माना जाता था कि यह प्रजाति पहाड़ी क्षेत्रों में ही पाई जाती है। यहां दुर्लभ प्रजाति का अजगर मिलने से जीव प्रेमी गदगद हैं। वहीं, वेटलैंड दिवस के मौके पर हुई पक्षी गणना में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम को 129 प्रजाति के 20390 पक्षी मिले हैं।
हैदरपुर वेटलैंड प्रकृति से भरे अपने खजाने के लिए प्रसिद्ध होता जा रहा है। यहां विदेशों से आने वाले पक्षियों के अलावा भारत में मिलने वाले पक्षियों की भी भरमार है। कई दुर्लभ प्रजाति के पक्षी हैदरपुर वेटलैंड में दिख चुके हैं। विदेशों से खाने की तलाश और प्रजनन करने के लिए यहां पक्षी आते हैं। बुधवार को वेटलैंड दिवस मनाया गया। दो दिन तक चली पक्षी गणना के दौरान हैदरपुर वेटलैंड में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के कोआर्डिनेटर शाहनवाज खान को दुर्लभ प्रजाति का बर्मीज अजगर मिला है। यह प्रजाति वेटलैंड के दलदली क्षेत्र में मिली है। इससे पहले साल 2015 में यह प्रजाति हस्तिनापुर सेंक्चुअरी में दिखाई दी थी। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के कोआर्डिनेटर शाहनवाज खान को हैदरपुर वेटलैंड में यह प्रजाति दिखाई दी। वह वेटलैंड में जलीय जीवों के संरक्षण से जुड़े अभियान के लिए जाते रहते हैं। शाहनवाज खान ने बताया कि पक्षी गणना के दौरान आए आंकड़े भी उत्साहित करने वाले हैं। हैदरपुर वेटलैंड और गंगा में दो दिन में 129 प्रजाति के 20390 पक्षी देखे गए।
मुंह पर तीर के निशान से होती है पहचान
भारत में अजगर की तीन प्रजाति पाई जाती हैं। इनमें बर्मीज प्रजाति के अजगर सबसे दुर्लभ होते हैं। यह सांप दो मीटर तक लंबा हो जाता है। इसके मुंह के ऊपर तीर जैसा निशान होता है। इससे ही इसकी पहचान की जाती है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के कोआर्डिनेटर शाहनवाज खान के अनुसार हैदरपुर वेटलैंड में पक्षी और जलीय जीवों की भरमार है। बर्मीज प्रजाति का अजगर यहां मिलना बड़ी उपलब्धि है। यहां घूमने आने वालों को जलीय जीवों और पक्षियों के संरक्षण पर भी ध्यान देना चाहिए।
बिजनौर में बैराज के पास हैदरपुर वेटलैंड में गंगा किनारे टीम को मिला दुर्लभ प्रजाति का बर्मीज अजग- फोटो : BIJNOR