स्योहारा। शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विश्व रेबीज दिवस एवं अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश जागरुकता पखवाड़े के अंतर्गत कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। अधीक्षक डॉ. बीके स्नेही ने लोगों को रेबीज और सर्पदंश से बचाव व उपचार की जानकारी दी।
डॉ. स्नेही ने बताया कि विश्व रेबीज दिवस हर साल 28 सितंबर को वैज्ञानिक लुई पाश्चर की पुण्यतिथि पर मनाया जाता है। बताया कि रेबीज सिर्फ कुत्ते के काटने से ही नहीं बल्कि छोटे खरोंच और संक्रमित जानवरों की लार से भी फैल सकता है। इलाज में 72 घंटे का गोल्डन पीरियड होता है, जिसमें समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन और इम्युनोग्लोबुलिन से मरीज की जान बचाई जा सकती है।
सर्पदंश के संबंध में उन्होंने बताया कि सांप के डसने पर झाड़-फूंक या देसी इलाज न अपनाएं, बल्कि मरीज को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। समय पर एंटी-स्नेक वेनम देने से जान बचाई जा सकती है। डॉ. राकेश कुमार, डॉ. रहमत जहां, फार्मासिस्ट जितेंद्र रावत, स्वास्थ्य कर्मी वीर सिंह, राजेश कुमार, एआरओ आलोक कुमार, बीपीएम शालिनी बिश्नोई मौजूद रहे।