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अंग्रेजी के पेपर में पर्यावरण पर आए सवाल

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अंग्रेजी के पेपर में पर्यावरण पर आए सवाल
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बिजनौर। यूपी बोर्ड परीक्षा के इंटर अंग्रेजी के पेपर में भारतवर्ष के इतिहास, पर्यावरण तथा टीकाकरण से जुड़े सवाल पूछे गए। पहली बार अंग्रेजी का पेपर बदला हुआ था। एनसीईआरटी पर आधारित सिलेबस का पेपर था। सवाल आसान आए। विद्यार्थियों को अंग्रेजी विषय में लीक से हटकर खूब नंबर आने की उम्मीद है। इंटर अंग्रेजी में 131 परीक्षा केंद्रों पर 38255 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें 36249 परीक्षार्थी ने परीक्षा दी। केंद्रों पर 2006 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
2022 की परीक्षा में इंटर अंग्रेजी का सिलेबस बदल दिया गया था। सिलेबस एनसीईआरटी की तर्ज पर बनाया गया था। पाठ्य पुस्तकों पर आधारित पूछे गए, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न सामान्यत: वही थे जो ऑनलाइन शिक्षण में या कक्षाओं में अध्यापकों ने छात्रों के साथ डिस्कस किए थे। विद्यार्थियों ने शिक्षकों की टिप्स के अनुसार तैयारी की। अपठित गद्यांश भी सरल था। जिसके कारण अपठित पर आधारित पूछे गए प्रश्नों पर विद्यार्थियों ने जवाब टू द प्वाइंट दिए हैं। ट्रांसलेशन का पैसेज सदैव छात्रों एवं शिक्षकों के लिए जिज्ञासा का विषय रहता है। ट्रांसलेशन का पैसेज भारत वर्ष के इतिहास पर आधारित था। पैराग्राफ रोचक तथा सरल था।
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हर्षिका, रूपेंद्र, सज्जन आदि का कहना था कि ट्रांसलेशन में नंबर ठीक आएंगे। पर्यावरण पर आधारित आर्टिकल तथा टीकाकरण की आवश्यकता को देखते हुए सीएमओ को लिखवाया गया लेटर भी सामान्य एवं समय संगत परिस्थितियों पर आधारित था। विद्यार्थियों का कहना है कि पहली बार ग्रामर का पोर्शन आसान आया है। वन वर्ड सब्स्टीट्यूट व इडियम का प्रारूप थोड़ा बदला हुआ था। इस कारण से यह पार्ट थोड़ा कठिन रहा। इस भाग में विद्यार्थियों के सामने नंबर लाने में दिक्कत आ सकती है। कुल मिलाकर अंग्रेजी का एनसीईआरटी पैटर्न का यह पहला प्रश्न पत्र छात्रों के लिए अपेक्षाकृत सरल एवं रोचक रहा।
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पेपर आसान होने पर समय से किया पूरा हल
द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट का अंग्रेजी विषय का प्रश्न पत्र था। प्रश्न पत्र पढ़कर ही छात्र-छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल गए। छात्रों ने प्रश्न पत्र में सबसे पहले वह प्रश्न किए, जोकि उन्हें बहुत अच्छी तरह याद थे। उसके उपरांत अन्य प्रश्न पत्र हल किए। छात्रा आंचल एवं हिमानी ने बताया कि उन्हें प्रश्न पत्र को लेकर काफी चिंता थी, लेकिन जैसे ही प्रश्न पत्र उनके हाथ में आया वह खुश हो गई। शिल्पी चौधरी एवं हेमलता ने बताया कि अंग्रेजी के प्रश्न पत्र को लेकर वह बहुत गंभीर थीं। अंग्रेजी में अच्छे नंबर लाने के लिए तैयारी बहुत की थी। उन्होंने सभी प्रश्नों को किया, लेकिन ट्रांसलेशन में नंबर ठीक आएंगे। पर्यावरण पर आधारित आर्टिकल भी बहुत अच्छा लिखा है। लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न सामान्यता पढ़ाई वाले कोर्स में से ही थे।
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