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689.53 करोड़ की योजना में दस विभाग खाली हाथ

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689.53 करोड़ की योजना में दस विभाग खाली हाथ
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बिजनौर। जिला योजना में वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 68953.06 लाख का बजट तैयार हुआ। करीब एक दर्जन महकमों को विकास कार्यों के लिए खूब पैसा मिला। सबसे अधिक धनराशि गांवों में सीसी रोड निर्माण के लिए आवंटित हुई। जबकि करीब दस महकमे ऐसे हैं जिनको एक भी पैसा नहीं मिला।
जिला योजना में विकास कार्य के लिए 26 से अधिक महकमों को शामिल किया गया है। महकमों के विकास कार्यों के लिए कुल 68953.06 लाख की योजना तैयार की गई। योजना में गांवों के विकास पर फोकस रहा। गांवों में सीसी रोड निर्माण के लिए सबसे अधिक 29535.2 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई। इसके बाद गांवों को मुख्य सड़कों अर्थात हाईवे से जोड़ने पर काम चला। इसके लिए 8588.82 लाख रुपये आवंटित हुए। वित्तीय वर्ष में कोरोना का असर रहा। जिस कारण विकास कार्य काफी समय तक ठप रहे। स्थित सामान्य हुई तो प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय आजीविका मिशन, पंचायत घर व स्वच्छ शौचालय निर्माण, पानी निकासी के नालों का निर्माण, विद्युतीकरण तथा वैकल्पिक ऊर्जा के तेजी से काम हुए।
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पैसा आवंटन वाले टॉप टेन महकमे
सीसी रोड निर्माण को 29535.2 लाख, संपर्क मार्ग निर्माण 8588.82 लाख, नाली निर्माण 5843.97 लाख, प्रधानमंत्री आवास योजना 4232.5 लाख, नाला निर्माण 4176.9 लाख, स्वच्छ पेयजल 2444.6 लाख, शौचालय 2434.26 लाख, पंचायत घर का निर्माण 2193.8 लाख, राष्ट्रीय आजीविका मिशन 1360.45 लाख, वैकल्पिक ऊर्जा के लिए 1915 लाख रुपये की धनराशि आवंटित हुई।
प्राथमिकता से कराए दस कार्य
1- पंचायत घर 399 के लक्ष्य के विपरीत 320 बने, सामुदायिक शौचालय 1076 के विपरीत 998, व्यक्तिगत शौचालय 14890 के विपरीत 12500, हैंडपंप रिबोर 881 के विपरीत 837 हुए।
2 - प्रधानमंत्री आवास योजना वित्तीय वर्ष 2020-21 के 4593 आवास लक्ष्य के विपरीत 4503 आवास, वित्तीय वर्ष 2021-22 आवास निर्माण 990 के विपरीत 813 बनाए।
3 - राष्ट्रीय आजीविका मिशन में 11 ब्लॉक में 2848 स्वयं सहायता समूह बनाने का लक्ष्य था। जबकि वित्तीय वर्ष में लक्ष्य से अधिक 2851 समूह बने। समूहों की महिलाओं ने बिजली बिल वसूली, पंचायतों में राशन वितरण की नई शुरुआत की।
4 - मनरेगा में 42 लाख 42 हजार मानव दिवस का लक्ष्य था। जबकि 39 लाख 67 हजार मानव दिवस सृजित हुए हैं।
5 - प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 1066 किसानों को लाभ मिला। किसान सम्मान निधि में दो लाख 97 हजार पात्रों को लाभ मिला।
6 - जिले में 15 लाख 72 हजार पशु के टीकाकरण का लक्ष्य था। इनमें छह लाख 22 हजार भैंस वंश तथा तीन लाख 78 हजार गोवंश को टीके लगे।
7 - मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लक्ष्य 1191 था। इनमें 1170 का विवाह कराया गया।
8 - कन्या सुमंगला योजना में 21730 कन्याओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य था। जबकि 20048 लाभान्वित हुई हैं।
9 - जिले को ग्रीन डिस्ट्रिक्ट बनाने के लिए 62 लाख 89 हजार पौधरोपण किया गया था। बताया कि इनमें 93 प्रतिशत पौधे जीवित हैं।
10 - जिले में 2123 प्राथमिक विद्यालय में कायाकल्प योजना में कार्यक्रम का लक्ष्य था। जबकि 1881 विद्यालयों में कायाकल्प का लक्ष्य पूरा हो गया है।
इन महकमों को नहीं मिला पैसा
जिला योजना में कुछ महकमों को खूब पैसा मिला। परंतु कुछ विभाग पैसे के लिए हाथ मलते रह गए। जिला योजना में उद्यान, मत्स्य, सहकारिता, भूमि सुधार, खादी ग्रामोद्योग, रेशम, माध्यमिक शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, खेलकूद, उच्च शिक्षा आदि दर्जनों महकमों को एक भी पैसा नहीं मिला।
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जिन्हें बजट मिला, उनका लक्ष्य पूरा : डीएसटीओ
जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी डॉ. हरेंद्र सिंह ने बताया कि महकमों को योजना में आवंटित सभी पैसा प्रयोग हो गया है। पैसा प्राप्त होने एवं भुगतान की प्रक्रिया ऑनलाइन है। विभागों के लक्ष्य लगभग प्राप्त कर लिए गए हैं।
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