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शायद अख्तर उल ईमान को याद किया

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शायद अख्तर उल ईमान को याद किया
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चांदपुर। राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद नई दिल्ली के सहयोग से इलियास अंजुम चैरिटेबिल ट्रस्ट की ओर से अख्तर उल ईमान : फन और शख्सियत विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। स्काई लाइन इंस्टीट्यूट आफ कंप्यूटर के कांफ्रेंस हॉल में नाविल निगार एस फजलियत खान रामपुर की अध्यक्षता व मुरादाबाद मुस्लिम पीजी कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रबाब अंजुम के संचालन में हुए सेमिनार का शुभारंभ नगरपालिका परिषद चेयरपर्सन पति मोहम्मद इलियास अंसारी ने किया।
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नदीम राई मुरादाबादी ने अपने शोध पत्र में कहा कि अख्तर उल ईमान नजीबाबाद के रावखेड़ी गांव में जन्मे थे, नजम के एक नुमाईंदा शायर हैं। डॉ. जीनत अंसारी ने फरमाया कि उन्होंने उर्दू शायरी में एक ऊंचा स्थान हासिल किया है। डॉ. शेख नगीनवी ने कहा कि फिल्मों के एक कामयाब स्टोरी लेखक व डाइलॉग, स्क्रीन प्ले राइटर बन गए हैं। इलियास अंजुम ने कहा कि उन्होंने तकरीबन सौ फिल्मों के डाइलॉग लिखे, फिल्म कानून, वक्त, धर्मपुत्र के लिए उन्हें फिल्म फेयर एवार्ड से नवाजा गया है। डॉ. वसीम इकबाल ने कहा वे अच्छे शायर मुकालमा निगार होने के साथ साथ एक अच्छे इंसान थे। डॉ. जैनुल आबीदीन, प्रोफेसर डॉ. अबुल ने कहा कि अखतर उल ईमान जनपद बिजनौर के गाहर-ए-नायाब थे। सेमिनार के संयोजक फहद अंजुम ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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