नाला निर्माण और उसके टेंडर पर काफी हंगामा हुआ। लोगों ने इसका वीडियो वायरल कर दिया। खुद एसडीएम सदर को मौके पर पहुंचकर जांच करनी पड़ी। लैब में जांच कराई गई तो नाला निर्माण में दोयम दर्जे की ईंट लगाए जाने की पुष्टि हुई। ईओ और चेयरमैन पर अपने चहेते ठेकेदारों को टेंडर देने का आरोप लगाया गया था। अब जांच में सरकारी पैसे से निजी गाड़ियों में तेल भरवाने की शिकायत को सही पाया गया है।
नगर के बाहर खर्च कर दिए 25 लाख
नगर पंचायत झालू की सीमा से बाहर 25 लाख रुपये से अधिक का विकास कार्य कराया गया। संजीव कुमार राणा ने आरोप लगाया था कि जेई की बिना संस्तुति के ये विकास कार्य नियम विरुद्ध नगर पंचायत के बाहर किए गए। सीडीओ ने जांच में शिकायतों को सही ठहराया। साथ ही जांच रिपोर्ट एडीएम प्रशासन को भेज दी, जिससे कार्रवाई की जा सके।
मेरे पास दो मामलों की शिकायत जांच के लिए आई थी। एक सीमा से बाहर सड़क निर्माण, दूसरा गाड़ियों के तेल के बिल की शिकायत थी। दोनों शिकायत जांच में सही पाई गई हैं। रिपोर्ट में उत्तरदायित्व निर्धारित कर भेज दी गई है - केपी सिंह, सीडीओ