स्योहारा में भूड़ कॉलोनी में छठ पूजा करती महिलाएं। संवाद
स्योहारा। सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा पर रविवार को खरना पूजा श्रद्धा और भक्ति से शुरू की गई। रविवार को खरना में व्रती निर्जला उपवास रखते हुए शाम को गुड़ की खीर, रोटी और फल से पूजा-अर्चना की गई। पूजा के बाद यही प्रसाद परिवार और आसपास के लोगों में वितरित किया जाएगा।
शुगर मिल की भूड़ कॉलोनी सहित स्योहारा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में व्रती महिलाओं और पुरुषों ने उत्साहपूर्वक पूजा की तैयारियां कीं। सुबह व्रती महिलाओं और पुरुषों ने जलाशयों में स्नान कर व्रत का संकल्प लिया। इसके बाद घरों में पूजा स्थलों और रसोई की सफाई की गई तथा मिट्टी के चूल्हे बनाकर प्रसाद तैयार करने की व्यवस्था की गई। व्रती मीना दूबे ने बताया कि छठ पर्व में शुद्धता और स्वच्छता का विशेष महत्व होता है। नहाय-खाय के दिन व्रत की शुरुआत करते हैं और पूरे मनोयोग से छठ माता की आराधना करते हैं।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, छठ पूजा स्थल पर सूर्य देव और छठ माता की पूजा से पहले घी का दीपक जलाना शुभ माना गया है। सोमवार को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा, जबकि मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का पारण किया जाएगा। ममता देवी, उषा देवी, प्रिंयका देवी, मीना दूबे, कंचन सिंह सहित अनेक व्रती महिलाओं ने छठ माता की पूजा-अर्चना कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
स्योहारा में भूड़ कॉलोनी में छठ पूजा करती महिलाएं। संवाद