स्योहारा। लंबे समय से प्रतीक्षित स्योहारा–नूरपुर मार्ग रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को रेलवे विभाग की टीम ने स्थानीय विभागों के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर विस्तृत संयुक्त सर्वे शुरू किया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रस्तावित दायरे में आने वाले सभी विद्युत पोल, टेलीफोन लाइन, पाइपलाइन और भूमिगत केबल जल्द से जल्द शिफ्ट किए जाएं, ताकि निर्माण कार्य में बाधा न आए।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर (रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट) कमल किशोर और सीनियर सेक्शन इंजीनियर (कार्य) विनय दलाल के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने रेलवे फाटक के दोनों ओर लगभग 350–350 मीटर क्षेत्र का निरीक्षण किया। प्रस्तावित ओवरब्रिज की कुल लंबाई करीब 700 मीटर और चौड़ाई 11 मीटर निर्धारित की गई है। यह पुल थाना स्योहारा की चहारदीवारी से शुरू होकर नूरपुर रोड स्थित वर्धमान टॉकीज तक पहुंचेगा।
सर्वे के दौरान बिजली विभाग, नगर पालिका, बीएसएनएल और जियो टेलीकॉम समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर समन्वय स्थापित किया गया। अधिकारियों ने सड़क के मध्य से दोनों ओर 10-10 मीटर के भीतर आने वाली सभी अवरोधक संरचनाओं को चिह्नित कर शीघ्र हटाने के निर्देश दिए। ओवरब्रिज निर्माण से स्योहारा नगर को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही दिल्ली से नैनीताल–रामनगर की ओर जाने वाला मार्ग अधिक सुगम और तेज हो जाएगा। आवागमन में सुधार से पर्यटन, व्यापार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की संभावना है। सर्वे के दौरान ईओ बिजेंद्र सिंह पाल, एसडीओ विद्युत जीडी प्रजापति, जेई विद्युत विशाल कुमार, जेई नगर पालिका स्मृति गुप्ता, जेई विपिन कुमार, अजय विश्वकर्मा (जेटीओ) और ललित मित्तल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
लोक निर्माण विभाग की सुस्त चाल पर उठ रहे सवाल
परियोजना के तहत ब्रिज के दोनों ओर 5-5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई जाएगी। लोनिवी ने थाने चौराहे से रेलवे फाटक तक सड़क किनारे स्थित करीब 50 दुकानदारों और भवन स्वामियों को 11 जनवरी को सात दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया गया था, लेकिन डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। न तो दुकानदारों ने अतिक्रमण हटाया और न ही लोक निर्माण विभाग ने कोई सख्त कार्रवाई की है।