बिजनौर। नगीना अदालत के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुपम सिंह ने अवैध असलहा फैक्टरी चलाने वाले नसीम को सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपए का अर्थदंड लगाया।
13 दिसंबर 2021 को थाना नगीना देहात के सब इंस्पेक्टर नीरज कुमार और श्रीपाल सिंह छह अन्य पुलिस कर्मियों के साथ जब गश्त करते हुए जोगरम्मपुरी चौराहे पर पहुंचे तो मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम भदौरा की ओर जाने वाले रास्ते के पास दरगाह के पीछे निर्माणाधीन नई कॉलोनी में बने एक कमरे में एक व्यक्ति अवैध तमंचे बना रहा है। पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके उस मकान को घेरकर व्यक्ति को पकड़ लिया। वह तमंचे बना रहा था। पूछने पर उसने अपना नाम नसीम पुत्र बाबू मोहल्ला रहमुल्ला कॉलोनी नगीना देहात बताया। उसके कब्जे से चार अधबने तमंचे, जिंदा कारतूस, लोहे की नाल सहित उपकरण बरामद हुए थे। पुलिस ने अवैध असले कब्जे में लेकर आयुध अधिनियम के तहत आरोपी पर कार्यवाही करते हुए उसे जेल भेज दिया था। अदालत में विचारण के दौरान ठोस सबूत के आधार पर नसीम को दोषी पाकर सजा सुनाई।
- जानलेवा हमले में बरकत को पांच साल की सजा
बिजनौर। जानलेवा हमले के मामले में अपर जिला जज अलका चौधरी की अदालत ने बरकत को दोषी पाते पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही बरकत अली पर ग्यारह हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
गांव खारी निवासी हाफिज पुत्र अब्दुल हमीद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि उसका भतीजा कुतुबुद्दीन लॉकडाउन के दौरान मुंबई से अपने घर आया हुआ था। 7/ 8 जून 2020 की रात को उसके भाई निसार के घर से गोली चलने की आवाज आई। उसने जाकर देखा तो उसका भतीजा कुतुबुद्दीन खून से लथपथ बेहोश पड़ा मिला। उसके भतीजे के गोली लगी थी। पुलिस ने पुलिस ने तफ्तीश करते हुए आरोपी बरकत अली को गिरफ्तार कर तमंचा बरामद कर उसे जेल भेज दिया था। अदालत में चोटिल और चश्मदीद गवाही के आधार पर बरकत अली को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।