बास्टा। गांव सिकंदर नंगला में बना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। करीब 22 साल पहले इसका निर्माण हुआ था। लेकिन, आज तक इलाज शुरू नहीं हो सका। इसका कारण केंद्र पर किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं होना है।
पीएचसी परिसर में घास खड़ी है। कूड़े के ढेर लगे होने से भी लोगों को दुर्गंध आ रही है। स्वास्थ्य केंद्र चालू नहीं होने से गांव रसूलपुर नंगला, दरबड़, ठेठ, बसंतपुर, सानीपुरा, मानपुर, शादीपुर, सैदपुर, सब्दलपुरपुर मिलक सहित अन्य गांवों के लोगों को उपचार कराने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि आज तक किसी भी डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हुई है। कभी-कभी फार्मासिस्ट आ जाता था, लेकिन काफी समय से कोई भी स्वास्थ्य कर्मी अस्पताल में नहीं आया हैं।
अस्पताल का मुख्य दरवाजा भी टूटा पड़ा है। कमरों के गेट, ग्रिल, विंडो, लाइट, नल आदि सामान गायब दिखाई दिए।
डॉक्टर की नियुक्ति हो ताे ग्रामीणों को मिले लाभ
महमुल्लापुर ढाकी के ग्राम प्रधान मोहम्मद मुजीब उर्फ शन्नू ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस बारे में बताया गया है। क्षेत्र में एक अस्पताल है, उसमें भी कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। डॉक्टर की नियुक्ति की जाए। ताकि, क्षेत्र के लोगों को लाभ मिल सके।
डॉक्टरों की कमी चल रही है। प्रयास है कि सभी स्वास्थ्य केंद्राें पर चिकित्सकों की तैनाती हो जाए। इसके लिए साक्षात्कार भी किए जा रहे हैं। जल्द ही यहां भी चिकित्सक की नियुक्ति की जाएगी।
डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सीएमओ, बिजनौर