घरों से नहीं निकले शंकाओं से घिरे लोग
बस स्टैंड में सुबह गायब रहे यात्री, व्यस्त चौराहों पर दिखे इक्का दुक्का वाहन
बिजनौर। अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर शहर की स्थिति शनिवार सुबह से शाम तक बदलती रही। सुबह के समय शहर थोड़ा रुका हुआ नजर आया, तो दोपहर बाद आम दिनों की तरह रौनक आ गई।
सुबह सात बजे
स्कूल कॉलेज के बंद होने के कारण स्कूली वाहन कहीं नहीं दिखाई दिए। इक्का दुक्का वाहन आने जाने शुरू हो गए। घूमने जाने वाले वापिस आने लगे तो कुछ जा रहे थे।
आठ बजे - घंटाघर के नीचे फल व्यापारियों के ठेले और वाहन खड़े रहे। रोज मर्रा की गतिविधि जारी थीं। सब अपने काम में लगे थे।
नौ बजे - टेलीफोन एक्सचेंज के बाहर एक ठेले यात्री नाश्ता कर रहे थे। बस स्टैंड पर अखबार के काउंटर लगे थे। यात्रियों ने अखबार खरीदे। एक व्यक्ति ने कह दिया कि आज अयोध्या विवाद पर निर्णय आने वाला है। कुर्ता - पायजामा पहने रोंयेदार गर्म टोपी लगाए खड़ा अधेड़ कहता है कि कुछ भी आए क्या फर्क पड़ता है। न तुम वहां पूजा करने जा रहे हो, न मैं नमाज पढ़ने।
दस बजे
सर्राफा बाजार चौराहे पर दो महिला होमगार्ड तैनात रहीं। काफी बाजार खुल गया था। और खुलने जा रहा वाला था। सब अपने अपने काम में व्यस्त रहे। दुकानदार दुकानों में टीवी पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बारे में जानकारी करते रहे।
- पोस्ट आफिस चौराहे के बेरिकेडिंग पर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही। पैरा मिलेट्री फोर्स के जवान भी रहे। महिला पुलिस भी तैनात रही। अधिकारी उन्हें ड्यूटी के बारे में बताते रहे। फैसला आने के समय रोडवेज परिसर में बसें तो थीं लेकिन यात्री नहीं थे। यहां चौराहे की दुकान पूरी तरह खुली रहीं।
11 बजे
जाम का शिकार होने वाली जजी रोड सूनी रही। वाहन बहुत कम थे। पैदल आवाजाही न के बराबर रही। इस मार्ग पर कई बड़े अस्पताल हैं। इनके सामने प्राय भीड़ रहती थी किंतु शनिवार को कम रही।
एक बजे
जिले के एकमात्र एसआरएस मॉल पर रोज की तरह भीड़ गायब थी। कुछ ही व्यक्ति ही वहां दिखाई दिए। चौराहे वाहनों को नियंत्रित करने वाले पुलिस कर्मी आराम से आने जाने वाले वाहनों को देखते रहे।
दो बजे
दोपहर में सिविल लाइंस में कुछ आवाजाही बढ़ी। रोडवेज की हालत सवेरे से कुछ बेहतर रही। यात्री आने जाने शुरू हो हुए लेकिन बस स्टैंड के चारों और खड़े रहने वाले डग्गामार वाहन बहुत कम दिखाई दिए। पास में बने नजीबाबाद बस स्टैंड पर बसें तो रहीं लेकिन यात्री नहीं।
शाम चार बजे
मुख्य बाजार रोज की तरह गुलजार रहा। दुपहिया वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से आने जाने वालों को परेशानी होती रही। देखने से माहौल रोज की तरह दिखा। दुकानदार अपने व्यापार में लगे रहे। रोडवेज बस स्टैँड पर अब यात्री काफी दिखाई देने लगे और चहल पहल शुरू हुई।