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सुबह से ही सड़कों पर घूमते रहे डीएम, एसपी अयोध्या

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सुप्रीम फैसले पर दिया सौहार्द का संदेश
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बिजनौर। अयोध्या प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना रहा। डीएम, एसपी सुबह से ही पुलिस बल के साथ सड़कों पर निकल पड़े। हर जगह पुलिस मुस्तैद दिखाई दी। पूरे जिले में सब कुछ सामान्य रहा।
अयोध्या प्रकरण पर शनिवार को फैसला आने के मद्देनजर शुक्रवार की रात से ही पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया था। रात में ही पुलिस के वाहनों के सायरन गूंजने शुरू हो गए थे। शनिवार की सुबह से पुलिस सड़कों पर मुस्तैद रही। डीएम रमाकांत पांडेय, एसपी संजीव त्यागी पुलिस बल के साथ सड़कों पर निकल पड़े। पूरे शहर में पैदल मार्च किया। हर मोहल्ले व गली में यह घूमे। सुबह के समय सड़कों पर लोग घूमते कम नजर आए। लोग फैसले की घड़ी का इंतजार कर रहे थे। बाजार में केवल कुछ ही दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। मुख्य बाजार रोजाना की तरह ही खुला रहा। साढ़े दस बजते ही लोग अपने घरों में टीवी के सामने बैठ गए। सड़कें बेरौनक लगने लगीं। हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक था कि अयोध्या के मामले में क्या फैसला आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सब लोग शांत रहे। गजब तो यह रहा कि सोशल मीडिया पर भी कोई टीका टिप्पणी नहीं हुई। कहीं किसी ने कोई सार्वजनिक तौर पर खुशी नहीं जताई और न ही किसी ने विरोध प्रकट किया। लोग अपनी भावना दिल में ही रखे रहे। दोपहर बाद लोग घरों से निकलने शुरू हो गए। सड़कों पर रौनक बढ़ने लगी। गांव, देहात में भी सब जगह लोगों ने संयम का परिचय दिया। कहीं कोई नारेबाजी या जुलूस निकालने की कोशिश नहीं की गई। जिले में इतनी शांति रही कि जजी चौक, शास्त्री चौक जैसे मुख्य चौराहे पर केवल होमगार्ड व यातायात कर्मी ही तैनात रहे। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। उधर, फैसले के मद्देनजर डीएम ने तीन दिन के लिए शराब की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इस कारण शनिवार को शराब की दुकानों पर ताले लटके रहे।
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- सब्जी खरीदने को उमड़ी भीड़
मंदिर पर फैसला आने के बारे में शुक्रवार रात लोगों को पता चला, तो शनिवार सुबह सब्जी मंडी में सब्जी व नमक खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि किसी ने कोई अफवाह नहीं उड़ाई। आलू की खरीदारी सबसे ज्यादा हुई। उपभोक्ताओं की भीड़ के बाद भी सब्जी के रेट नहीं बढ़े। यह भीड़ दस बजे तक ही रही। बाद में हालात सामान्य हो गए।
- डीएम ने पुलिस मित्रों को दिए फल
शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए जिले में पुलिस बल के साथ पुलिस मित्र भी तैनात किए गए थे। जॉनी के चौराहे पर भी पुलिस मित्र नियुक्त थे। डीएम रमाकांत पांडेय व एसपी संजीव त्यागी वहां से गुजरे। एसपी ने पुलिस मित्रों को मुस्तैद रहने के लिए कहा। डीएम ने पुलिस मित्रों के लिए अपने पास से रुपये देकर फल खरीदे।
- पूर्व विधायक के घर मुस्लिम ने देखा फैसला
हरिद्वार के पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता विरेंद्र सिंह के राम बाग कॉलोनी स्थित आवास पर अधिवक्ता विनीश कुमार, इसरार अहमद व दिनेश चौधरी ने टीवी पर कोर्ट का फैसला देखा। एडवोकेट इसरार अहमद ने कोर्ट के फैसले की सराहना की। कहा कि यह कानूनी तथ्यों को ध्यान में रख कर दिया गया फैसला है।
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- पूर्व चेयरमैन सहित कई को किया नजरबंद
प्रशासन ने शुक्रवार रात में ही नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन व अधिवक्ता जावेद आफताब, उनके भाई परवेज आफताब, नगर पालिका के पूर्व सभासद वसीम भोला व पत्रकार मरगूब रहमानी को थाने में बैठाकर नजरबंद कर लिया। दिन भर भी उन्हें पुलिस थाने में बैठाए रही। ये लोग पुलिस से अपना कसूर मालूम करते रहे पर किसी ने कुछ नहीं बताया। उधर, पत्रकार मरगूब रहमानी को थाने में बैठाकर नजरबंद करने पर पत्रकारों में रोष रहा। क्योंकि मरगूब रहमानी हिंदू, मुस्लिम भाईचारे को बढ़ावा देने में अग्रणी रहते हैं और त्योहारों पर सद्भाव का परिचय देते हैं।
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