बरूकी में अतिरिक्त पीएचसी का भवन। संवाद
बरुकी एडीशनल पीएचसी से 30 गांव जुड़े होने के बावजूद रोज 15 से 20 मरीज ही आते हैं
सीएचओ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की है तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी
बरुकी। गांव में स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था बदहाल है। स्वास्थ्य केंद्र पर एक मात्र चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात है। पड़ताल के लिए पहुंची अमर उजाला टीम को स्वास्थ्य केंद्र पर केवल सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) सुनीता सिंह तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संदीप कुमार मौजूद मिले। स्वास्थ्य केंद्र पर कोई चिकित्सक तैनात नहीं है। चिकित्सक के नहीं होने से लोगों ने इस केंद्र की ओर रुख करना बंद कर दिया है।
बरुकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। प्रांगण में गंदगी पसरी हुई है। सीएचओ सुनीता सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन 15 से 20 मरीज पहुंचते हैं। उनके द्वारा सामान्य मरीजों को चिकित्सा परामर्श तथा दवाइयां दी जाती हैं। वह वीडियो कॉल के माध्यम से भी जिले पर तैनात चिकित्सकों से परामर्श कर मरीजों को दवाई दे देती हैं। स्वास्थ्य केंद्र पर सरकार द्वारा दवाइयां भेजी जा रही हैं जिनका लाभ मरीजों को मिल रहा है।
एडीशनल पीएचसी का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंदक के अंतर्गत आती है। चंदक के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरुकी में सप्ताह में दो दिन चिकित्सक बैठते हैं। फार्मासिस्ट का पद नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र पर सीएचओ सुनीता सिंह की तैनाती है। एएनएम द्वारा पीएचसी पर ही टीकाकरण किया जाता है।
ग्राम प्रधान राधा देवी ने बताया कि उन्होंने कई बार उच्च अधिकारियों को पीएचसी पर चिकित्सक तैनात करने हेतु पत्र लिखा है लेकिन अभी तक चिकित्सक की तैनाती नहीं हो पाई है। बरुकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लगभग 30 गांव जुड़े हुए हैं। चिकित्सक के तैनात नहीं होने से लोग अब यहां नहीं आते। वे इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में जाते हैं। रोजाना लगभग 15 से 20 मरीज ही अस्पताल पहुंचते हैं। वे भी चिकित्सक के नहीं मिलने पर निराश लौट जाते हैं या फिर सीएचओ से दवाई ले लेते हैं। पीएचसी पर नियमित चिकित्सक बैठने चाहिए।