वार्ड में मरीज, इंतजार में परेशान तीमारदार
बिजनौर। जहां एक ओर मरीज वार्ड में बीमारी से जंग लड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर उसके साथ आए तीमारदार भी खुद को कोरोना से बचाने की लंबी जद्दोजहद कर रहे हैं। उनके माथे पर डर साफ नजर आ रहा है, तो मास्क के पीछे छिपे चेहरे पर उनके मरीज की हालत को लेकर परेशानी भी दिख रही है।
बुधवार को जिला अस्पताल की हालत देखी तो वार्ड में मरीज ऑक्सीजन और इलाज के लिए परेशान मिले तो उनके तीमारदार दिलासा देने की कोशिश कर रहे थे। इमरजेंसी के बाहर 20 से ज्यादा तीमारदार इंतजार में इस तरह परेशान दिखे। वहीं इमरजेंसी में भी 12 से ज्यादा मरीज भर्ती थे। कोई स्ट्रेचर पर था तो कोई बेड पर अपना इलाज करा रहा था।
बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे थे। एक पेड़ के नीचे बैठे सुनील नाम के व्यक्ति से जब परेशानी का कारण पूछा गया तो उसने बताया कि वह बुंदकी से अपने 26 वर्षीय भाई अनिल को लेकर आए हैं। सुबह से चार प्राईवेट अस्पतालों में धक्के खा चुके हैं, लेकिन सांस लेने में परेशानी के चलते किसी ने भर्ती नहीं किया। अब जिला अस्पताल लेकर आएं हैं। वहीं दूसरी ओर उनके साथ परिवार की महिलाएं भी थी, हर कोई मास्क और दुपट्टे के सहारे कोरोना से बचने के लिए मुंह ढक रहे थे। उनके माथे पर पड़ी चिंता की लकीरें परेशान होने की सारी कहानी बयान कर रही थीं।
महरूनिशा नाम की एक एक महिला भी पेड़ के नीचे बैठकर अपने मरीज की सलामती की दुआ करती नजर आई। उसने अपना पता तो नहीं बताया, लेकिन उसने कहा कि हमने अपने एक रिश्तेदार को लेकर पूरे 24 घंटे चक्कर काटे। कहीं ऑक्सीजन की कमी बता दी गई, कहीं डॉक्टर के न होने की बात कहकर वापस भेज दिया गया। अब इमरजेंसी में उनका मरीज भर्ती है।