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पानीपत-गोरखपुर हाईवे : जिले में 131 गांवों की जमीन के बैनामों पर रोक

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रजनीश त्यागी
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बिजनौर। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) ने पानीपत से गोरखपुर तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे (शामली–पुवायां, फेज-1) के निर्माण को लेकर बिजनौर जिले में भूमि अर्जन की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस संबंध में एनएचआई की ओर से डीएम बिजनौर को पत्र लिखा गया है।
इस पत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए जिले के 131 गांवों में भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। अब इन गांवों में जमीन के बैनामों और अनाधिकृत निर्माण पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में डीएम की ओर से भी एसडीएम और रजिस्ट्रार को पत्र जारी कर दिया गया है।
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गोरखपुर-शामली-पानीपत एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए सर्वे पूरा हो गया है। प्रदेश के 22 जिलों से होकर इसे निकाला जा रहा है। इसमें बिजनौर में भी एलाइनमेंट सर्वे का काम पूरा हो चुका है। शामली से गोरखपुर तक प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 747.424 किलोमीटर होगी। यह कॉरिडोर पानीपत से शामली और वहां से गोरखपुर में सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे पर समाप्त होगा। बिजनौर जिले में यह परियोजना एनएच-734 के अंतर्गत किमी 86.860 से किमी 142.195 तक प्रस्तावित है। बिजनौर में इसकी लंबाई 56 किलोमीटर रहेगी। बिजनौर जिले में बालावाली के पास से होकर स्योहारा क्षेत्र से होकर जाना तय माना जा रहा है। इसमें अब एनएचएआई की ओर से डीएम बिजनौर को पत्र लिखा गया है। जिसमें 131 गांवों की सूची दी गई है।
साथ ही इन गांवों में बैनामों पर रोक, अनाधिकृत निर्माण न होने देने के लिए कहा गया है। वहीं इसके बाद डीएम ने सभी एसडीएम और सब रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर इन रोक को लागू करने को कहा है। इस परियोजना के पूरा होने से बिजनौर जिले को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी और दिल्ली, हरियाणा व पूर्वांचल की ओर आवागमन सुगम होगा।
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वहीं, एनएचएआई की ओर से बिजनौर में एसएलओ को प्राधिकारी नियुक्त कर दिया गया है। इनका काम जमीन अधिग्रहण करना होगा। वहीं साथ ही चयनित गांवों की सूची भी एनएचएआई की ओर से एसएलओ विभाग को सौंप दी गई है। (संवाद)
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