धामपुर। पहाड़ों पर हो रही बारिश से सिंचाई विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ गई है। खो नदी के तट पर बसे गांवों के लोगों में बाढ़ की आशंका को लेकर दहशत बनी है। लोगों ने जनप्रतिनिधियों से समय रहते क्षेत्र के गांव हादकपुर में बाढ़ नियंत्रण कराने की मांग की गई थी लेकिन कुछ नहीं हुआ। सिंचाई विभाग की ओर से भी बाढ़ नियंत्रण कार्य कराने को भेजी गई परियोजना को सरकार ने स्वीकृति नहीं दी। उनके गांव में हर साल खो नदी में बाढ़ आने से काफी नुकसान होता है लेकिन प्रशासन द्वारा नुकसान की भरपाई नहीं की जाती।
बुधवार सवेरे मानसूनी की पहली बारिश से ही नदी-नालों में उफान आ गया। हालांकि खो नदी में अभी क्षमता से कम पानी प्रवाहित हो रहा है लेकिन खो नदी के तट पर बसे गांव हादकपुर के ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका को लेकर दहशत बनी है। क्षेत्र के दिनेश कुमार, गौरव कुमार, महीपालसिंह का कहना है कि ग्रामीण पिछले साल से ही बरसात खत्म होने के साथ ही बाढ़ नियंत्रण कार्य कराने की मांग करने लगे थे। अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर के अधिकारियों ने डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से परियोजना को तैयार कर सरकार को स्वीकृति को भेजा था मगर सरकार ने परियोजना को स्वीकृति नहीं दी।
फिर तैयार कर भेजेंगे हादकपुर परियोजना का प्रस्ताव
एक्सईएन रामबाबू ने बताया कि विभाग की ओर से नवंबर 2020 को हादकपुर परियोजना को तैयार कर सरकार को भेजा गया था लेकिन वह स्वीकृत नहीं हो पाई थी। अब वे फिर से तैयार कर प्रकिया के तहत स्वीकृति को भेजेंगे।
बारिश के बंद होते ही तेजी से होगा गौसपुर में नियंत्रण कार्य
एक्सईएन ने बताया कि क्षेत्र के गांव गौसपुर में गंगा गांव से करीब 110 फुट नीचे प्रवाहित होती है। विभाग की ओर से गांव को बचाने व कटान को रोकने को काम शुरू कर दिया गया था। लेकिन बारिश के शुरू होने के कारण काम को रोक दिया गया। जैसे ही बारिश बंद होगी, काम को तेजी से शुरू किया जाएगा। अभी गंगा में क्षमता से बहुत ही कम पानी है। बुधवार को साठ हजार क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है।