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जिले में मात्र 506 कोविड बेड और 92 वेंटिलेटर

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जिले में मात्र 506 कोविड बेड और 92 वेंटिलेटर
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बिजनौर। कोरोना संक्रमण के इस दौर में बेड, वेंटिलेटर एवं ऑक्सीजन की काफी किल्लत है। कोविड मरीजों को न्यूनतम स्वास्थ्य सुविधाएं भी मुहैया नहीं हो पा रही हैं। जिले में तीन सरकारी एवं दो प्राइवेट अस्पतालों के कुल 506 बेड तथा 92 वेंटिलेटर के भरोसे ही कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। आबादी के हिसाब से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की तुलना की जाए तो 8251 लोगों पर एक बेड और 40,984 लोगों पर एक वेंटिलेटर की उपलब्धता है।
जिले की आबादी लगभग 45 लाख है। इतनी जनसंख्या के लिए जनपद में जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र पर करीब 300 बेड की व्यवस्था है, जबकि 60 बेड निजी स्तर के दो अस्पतालों में हैं। इसके अलावा सुपर स्पेशिलिटी जिला महिला अस्पताल में 100 बेड की अलग से व्यवस्था है। वर्तमान में जिला अस्पताल में 300, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समीपुर (नजीबाबाद) तथा हल्दौर में 30-30 बेड और निजी स्तर के पंडित चंद्रकांत आत्रेय मेमोरियल हॉस्पिटल, पुलकित मेमोरियल हॉस्पिटल में भी 30-30 बेड ही हैं। इसके अलावा अन्य प्रकार के मरीजों के लिए जिले के प्राइवेट अस्पतालों में लगभग 600 बेड की उपलब्धता है। क्लीनिक एवं पैथोलॉजी की संख्या भी इतनी ही है। वर्तमान में चल रहा कोरोना का संक्रमण चरम पर है। हजारों कोविड पीड़ित मरीज होम आइसोलेट हो रहे हैं। ऐसे मरीज कम ही हैं, जिन्हें भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है, लेकिन उनको भी समय से बेड और ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है।
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आबादी के हिसाब से बहुत कम हैं संसाधन
स्वास्थ्य विभाग अब तक आबादी के हिसाब से कोविड अस्पतालों की व्यवस्था नहीं कर सका है। इसके चलते ही मारामारी की स्थिति मची हुई है। वर्तमान में जिला अस्पताल में 300 बेड एवं दस वेंटिलेटर की व्यवस्था है। पंडित चंद्रकांत आत्रेय मेमोरियल हॉस्पिटल में 30 बेड और पांच वेंटिलेटर, पुलकित मेमोरियल हॉस्पिटल में भी 30 बेड और पांच वेंटिलेटर, इसके अलावा माता गायत्री देवी हॉस्पिटल में सात वेंटिलेटर, बीना प्रकाश हॉस्पिटल और आयुष्मान हॉस्पिटल में सात-सात, लाइफ लाइन हॉस्पिटल में भी चार वेंटिलेटर मौजूद हैं। धामपुर, नजीबाबाद, चांदपुर और नगीना के दो-दो अस्पतालों में भी चार-चार वेंटिलेटर की व्यवस्था है। यह जिले की आबादी के हिसाब से बहुत कम है।
संदिग्ध कोविड वार्ड में 60 बेड एवं दो वेंटिलेटर
बिजनौर। वर्तमान में बहुत से ऐसे मरीज भी आ रहे है, जिनकी कोरोना रिपोर्ट तो निगेटिव आ रही है, लेकिन फेफडे़ संक्रमित हैं। उनकी सांस भी फूल रही है। ऐसे मरीजों के लिए जिला अस्पताल और दो निजी अस्पतालों में संदिग्ध वार्ड बनाए गए हैं। इनमें लगभग 60 बेड की व्यवस्था है। वहीं, जिला अस्पताल में संदिग्ध कोविड (श्वांस रोगियों) के लिए दो वेंटिलेटर की व्यवस्था है, जबकि छह वेंटिलेटर आईसीयू में लगे हैं। संवाद
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अभी हाल ही में वे स्थानांतरित होकर आया हूं। व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए प्रयासरत हैं। शीघ्र ही जनपद की बदहाल व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जाएगा। मरीजों को बेड और अन्य चिकित्सा सुविधाओं मिलने में दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
डॉ. विजय कुमार गोयल, सीएमओ बिजनौर
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