फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

समय-समय पर अपडेट होती है ऑनलाइन लर्निंग

विज्ञापन
विज्ञापन
समय-समय पर अपडेट होती है ऑनलाइन लर्निंग
विज्ञापन

बिजनौर। कृष्णा इंस्टीट्यूट के अध्यापक प्रशिक्षण विभाग द्वारा शिक्षा में ऑनलाइन कक्षाओं की प्रासंगिकता विषय पर एक राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार में ऑनलाइन लर्निंग के फायदे बताए गए।
वेबिनार के मुख्य वक्ता जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय नई दिल्ली के प्रोफेसर डा डोरी लाल व दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट विश्वविद्यालय, आगरा के प्रोफेसर डा. अमित गौतम ने ऑनलाइन कक्षाओं के विषय में अपने विचार रखे। डा.अमित गौतम ने कहा कि अब तक स्कूल, कॉलेजों में मोबाइल फोन प्रतिबंधित थे, लेकिन कोरोना महामारी के कारण मोबाइल ऑनलाइन लर्निंग का जरिया बन गए हैं। उन्होंने कहा कि हर बात के दो पहलू होते हैं। ऑनलाईन लर्निंग छात्रों के लिए लाभकारी है तो इसमें कुछ कमियां भी हैं। इंटरनेट कंटेंट अधिकांश अंग्रेजी भाषा में होता है। हिंदी भाषा का कंटेट कम होने से हिंदी भाषी छात्रों को पढ़ाई में समस्या का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डा. डोरी लाल ने कहा कि ऑनलाइन लर्निंग से हम असफल बिल्कुल नहीं हुए, सफलता कितनी मिली यह शोध का विषय है। ऑनलाइन कक्षाएं व ऑफलाइन कक्षाओं थोड़ा अंतर है। ऑनलाइन लर्निंग में हम कहीं भी बैठकर किसी भी विषय का ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। जबकि ऑफलाइन लर्निंग में हमें किसी एक किताब से ही विषय को जान पाते हैं। ऑनलाइन लर्निंग समय-समय पर अपडेट होती रहती हैं जबकि किताबों में ऐसा नहीं है। कॉलेज प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि वर्तमान में ऑनलाइन लर्निंग बहुत उपयोगी है। कोविड-19 के संकट में तो यह छात्रों के लिए वरदान साबित हो रही है। वेबिनार के संयोजक कृष्ण कुमार, विपिन शर्मा, अमित राजपूत का विशेष योगदान रहा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें