रोजाना जोखिम में डालनी पड़ती है एक हजार लोगों को जान
बिजनौर। गंगा खादर में बसे गांव लोगों को जीने के लिए हर रोज मौत से लड़ना पड़ता है। यहां गंगा के तेज बहाव में भी नाव से खेतों तक जाना जान जोखिम में डालने से कम नहीं है। हर रोज उन्हें ऐसा करना पड़ता है। सिर्फ डैबलगढ़ ही नहीं बल्कि चाहड़वाला, सीमली और कोहरपुर के सामने भी नाव के जोड़े चलते हैं।
खेत से चारा लाना हो, गन्ना छिलाई या फिर खेती किसानी का कोई भी काम। इसे करने के लिए खादरवासी सुबह ही निकल जाते हैं। रास्ते में पड़ने वाली गंगा की भी परवाह नहीं करते। नाव ही इनका साधन है। खादरवासियों की जिंदगी में नाव का सफर हिस्सा बन चुका है। यूं तो समय-समय पर नाव में निर्धारित वजन ढोने के लिए पुलिस जागरूक करती रहती है। फिर भी कहीं न कहीं चूक हो जाती है। शायद बृहस्पतिवार को भी ज्यादा वजन होने की वजह से ही नाव का संतुलन बिगड़ गया हो। जिससे नाव पलट गई। गनीमत रही कि समय रहते सभी को निकाल लिया गया। हालांकि यहां पैंटून पुल बनवाया गया था लेकिन यह भी बरसात में खोलकर रखना पड़ता है। पानी कम होने पर फिर से बांधा जाता है।
पैंटून पुल को बांधे जाने का इंतजार
बिजनौर। लंबे आंदोलन के बाद खादर के लोगों को पैंटून पुल की सौगात मिली थी। अब बरसात से पहले इसे खोलकर रख दिया गया था, जिसे फिर से नहीं बनाया जा सका है। नाव पलटने पर खादरवासियों ने पैंटून पुल को चालू करने की मांग उठाई है। उधर, लोक निर्माण विभाग गंगा के बहाव के कम होने का इंतजार कर रहा है। ग्राम प्रधान मूला सिंह, कल्लू, नरेंद्र, ब्रजपाल, आनंद, महेश, प्रियांशु आदि ने कहा कि अगर पैंटून पुल चालू कर दिया तो नाव पलटने की घटना नहीं होती। नाव पलटने से तीन साल पुरानी घटना ताजा हो गई है। लोग अब खेतों पर जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि 15 अक्तूबर तक पैंटून पुल चालू किया जाना था, लेकिन अभी तक पुल नहीं बनाया गया है। बता दें कि पिछले साल ही डैबलगढ़ में पैंटून पुल बनाया गया था। जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली। खेतों पर आने जाने की राह आसान हो गई थी। हालांकि बरसात के चलते पुल के पीपों को खोलकर रख दिया गया था। दरअसल बरसात में पुल के बह जाने का खतरा होता है।
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बरसात देर तक हुई है, अभी गंगा का बहाव सामान्य नहीं हुआ है। पुल को बनाने के लिए बजट मिल चुका है। पंद्रह दिनों में बहाव के सामान्य होने की उम्मीद है। जिसके बाद तुरंत ही पीपों को जोड़कर पुल चालू कर दिया जाएगा - सुनील सागर, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग