बिजनौर। जीएसटी जमा करने पर पूरा जोर दिया जा रहा है ताकि सरकार को राजस्व की प्राप्ति हो। लेकिन लोग फर्जी तरीके से पंजीकरण कराकर आईटीसी का लाभ ले रहे हैं। ऐसे में इन लोगों पर लगाम कसने के लिए राज्यकर अधिकारियों की टीम फर्मो का स्थलीय निरीक्षण भी कर रही हैं। जिले में अभी तक 1477 फर्मों का निरीक्षण किया गया है, जिनमें दो फर्म बोगस मिली हैं।
जिले में 30673 व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं, जिनमें 17534 व्यापारी राज्य जीएसटी के क्षेत्राधिकार में आते हैं। वहीं 13139 व्यापारी केंद्र जीएसटी के क्षेत्राधिकार में आते हैं। इन सभी फर्मों के सत्यापन के लिए 13 राज्य अधिकारी नामित गए हैं। वहीं, फर्मों का स्थलीय निरीक्षण कर सत्यापन कर रहे हैं।
जिले में अभी अधिकारियों ने राज्य जीएसटी के अधीन 893 फर्मों, केंद्र जीएसटी के अधीन 583 फर्माें का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। इनमें से जय दुर्गा ट्रेडर्स बिजनौर, एनएस ट्रेडर्स चांदपुर अस्तित्व में नहीं मिली। पंजीकरण में दिए पते पर कोई फर्म कार्य करती हुई नहीं मिली।
न्यूनतम 40 लाख टर्नओवर होने पर कराना है जीएसटी में पंजीकरण : जिन व्यापारियों का सालाना टर्नओवर 40 लाख रुपये है, उनका जीएसटी में पंजीकरण होना अनिवार्य है। इसके अलावा समाधान योजना में पंजीकृत व्यापारियों को एक प्रतिशत टैक्स देना होता है। इसमें 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक का टर्नओवर आता है।
उन्हें न्यूनतम 40 हजार और अधिकतम डेढ़ लाख रुपये टैक्स जमा करना होता है। वहीं, डेढ़ करोड़ से अधिक टर्नओवर होने पर व्यापारी रेगुलर श्रेणी में आते हैं, उन्हें आईटीसी का लाभ मिलता है। वहीं समाधान योजना में व्यापारियों को आईटीसी का लाभ नहीं मिलता है।