बन सकती है खतरनाक स्थिति
ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले सबसे पहले विदेशों में ही आए हैं। साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड आदि देशों को खतरे की सूची वाले देशों में शामिल किया गया है। ऐसे में इन देशों से आए लोगों का न मिलना खतरनाक स्थिति बना सकता है। कोरोना में पहले विदेश से आने वाले लोगों के घर से सैंपल लेने के लिए कर्मचारी तैनात थे। दूसरी लहर समाप्त होने के बाद इन लोगों की संविदा समाप्त कर दी गई थी। ऐसे में इन लोगों से फोन करके अस्पताल में सैंपल देने के लिए कहा जाता है। इसमें भी ये लोग लापरवाही बरत रहे हैं।
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एयरपोर्ट की रिपोर्ट पर ही भरोसा
एयरपोर्ट पर आने पर सभी की जांच की जा रही है। संक्रमित न होने वालों को घर भेजा जा रहा है, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई हो वह उस समय संक्रमित न हों। वह उससे कुछ देर पहले भी संक्रमित हो सकता है। इसलिए ही आठ दिन बाद इनकी जांच की व्यवस्था की गई है। ऐसे में ये लोग खुद को ठीक समझकर नंबर बंद करने की गलती कर रहे हैं जो भारी पड़ सकती है।