अब गांवों के बरातघरों में गूंजेगी शहनाई
बिजनौर। अब ग्राम पंचायतों में बरातघर बनाए जाएंगे। ग्रामीण गांवों में बने बरातघरों में विवाह व अन्य कार्यक्रम कर सकें। इनमें ग्राम संस्कृति आदि के कार्यक्रम भी किए जाएंगे। शासन ने पंचायतों में बरातघर बनवाने की पूरी तैयारी कर ली है। सरकार के 100 दिन योजना के तहत इन बरातघरों के निर्माण के लिए बजट तय करते हुए काम शुरू कर दिया गया है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 100 दिन की कार्य योजना के तहत धरातल पर जोरशोर से कार्य हो रहा है। योजना के तहत ग्राम पंचायतों में बरातघर बनाए जाएंगे। शासन की मंशा है कि गांवों के कार्यक्रम, ग्राम संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम बरातघर में हो। अभी अधिकांश पंचायत स्तर पर सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए कोई निश्चित स्थान नहीं है। पंचायतों में बरातघर का निर्माण बहु उपयोगी साबित होगा। जिले में 1123 ग्राम पंचायत हैं। गांवों के आर्थिक स्थिति से कमजोर ग्रामीणों को विवाह आदि कार्यक्रम की सुविधा मिल जाएगी। शासन ने सूबे की ग्राम पंचायतों में बरातघर निर्माण के लिए 17456.70 करोड़ की धनराशि निर्धारित की है। ग्राम पोटा के पूर्व प्रधान बलराम सिंह ने प्रस्तावित योजना को सराहा है। उधर जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई होगी।
- यह होंगे कार्य
जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि बरातघरों को सुंदर बनाया जाएगा। वहां तक पहुंचने को अच्छा मार्ग बनेंगे। बरातघरों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण होगा। बरातघर व मार्ग पर प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी। बरातघरों में अन्य पेयजल, कमरे, रखरखाव, सुरक्षा आदि मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।
- बसपा शासन में बने थे बरातघर
बसपा शासन में भी गांवों में बारातघर बने थे। बरातघरों की देखभाल की जिम्मेदारी पंचायतों व नगरपालिकाओं को सौंपी गई थी। कुछ समय तक तो सब कुछ ठीक ठाक चला। देखभाल के अभाव में बरातघर जर्जर होते चले गए। शासन की प्रस्तावित योजना से नई उम्मीद जगी है।