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अब सीधे गन्ने के रस से एथनॉल बनाएंगी चीनी मिलें

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अब गन्ने के रस से सीधे एथनॉल बनाएंगी चीनी मिलें
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बिजनौर। चीनी का उत्पादन ज्यादा और मांग कम होने के चलते केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को गन्ने के रस से सीधे एथनॉल बनाने की अनुमति दे दी है। जिले में चार चीनी मिलें गन्ने के रस से सीधे एथनॉल बनाएंगी। आने वाले समय में ये चीनी मिलें मांग के अनुरूप ही चीनी का उत्पादन करेंगी। बाकी बचे गन्ने के रस से सीधे एथनॉल बनाएंगी। इससे उन्हें मुुनाफा ज्यादा होगा और वे किसानों को समय पर भुगतान कर पाएंगी।
अभी चीनी बनाने के दौरान निकले शीरे से एथनॉल बनाया जा रहा है। चीनी उद्योग जगत का मानना है कि चीनी उत्पादन कम होने से बाजार में भी सुधार होगा, कीमत और मांग दोनों बढ़ेंगी। पिछले चार साल से जिले में चीनी का बंपर उत्पादन हो रहा है। एक क्विंटल गन्ने से औसतन 12 किलोग्राम चीनी बनती है। जिले की धामपुर, बरकातपुर, स्योहारा व बुंदकी चीनी मिल रॉ शुगर के साथ-साथ बी हैवी शीरे को बनाती है, जिसमें सुक्रोज का भी कुछ हिस्सा रहता है। शीरे से एथनॉल बनाया जाता है, जिसे पेट्रोल व डीजल में मिलाया जाता है। कोरोना संक्रमण काल और लॉकडाउन के चलते चीनी की मांग कम हुई है और उसका मूल्य न्यूनतम हो गया है। विदेशों को निर्यात करने के बाद भी मिलों के पास मांग से ज्यादा स्टाक बना हुआ है। अब जिले की चार चीनी मिल धामपुर, बरकातपुर, स्योहारा और बुंदकी गन्ने के रस से सीधे एथनॉल बना सकती हैं। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार गन्ने के रस से सीधे एथनॉल बनाने की अनुमति मिल गई है। जिले की चीनी मिल अब अपने हिसाब से गन्ने और एथनॉल का उत्पादन कर सकती हैं।
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कुछ इस तरह समझिए
धामपुर चीनी मिल एक दिन में एक लाख 20 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई करती है। यदि यह चीनी मिल 40 हजार क्विंटल गन्ने से एथनॉल बनाए तो इससे चीनी का उत्पादन 33 प्रतिशत घट जाएगा। एथनॉल उत्पादन बढ़ने से चीनी मिल को ज्यादा मुनाफा होगा। इसका लाभ किसानों को मिलेगा।
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एथनॉल का दाम है ज्यादा
शीरे में सुक्रोज की मात्रा से बी हैवी या सी हैवी श्रेणी तय होती है।सी हैवी शीरे से बने एथनॉल की कीमत 45.68, बी हैवी शीरे से बने एथनॉल की कीमत 57.61 और सीधे रस से बने एथनॉल की कीमत 62.65 रुपये प्रति लीटर तक रहती है। पहली बार किसी सरकार ने तीनों श्रेणी के एथनॉल की अलग-अलग कीमत तय की हैं। पहले तीनों एक ही कीमत पर बिकते थे।
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