कालागढ़। रामगंगा नदी के खादर इलाके में गुलदार व बाघ से जनता की सुरक्षा को जूझ रहे वन विभाग के लिए अब नदी में मगरमच्छ एक नई मुसीबत लेकर आ सकते हैं। तेज गर्मी के चलते रामगंगा नदी की शरण लोग ले रहे हैं।
रामगंगा नदी के खादर इलाके से होकर बह रही रामगंगा नदी के तट इन दिनों गर्मी से बेहाल लोगों के शरणस्थली बने हुए हैं। कालागढ़ में स्टील ब्रिज के नीचे मगरमच्छ अक्सर तैरते दिखाई देते हैं। उसके बाद अफजलगढ़ बैराज से नदी से नहरें निकाली गई हैं। जिनमें सांप व मगरमच्छ अपनी उपस्थिति बनाए हैं। ऐसे में गर्मी से बेहाल युवक आदि नदी के तटों पर सुबह से शाम तक पानी में काफी समय बिता रहे हैं। गत वर्ष में यहां युवकों की डूबने से मौत भी हो चुकी है। ऐसे में नदी में मगरमच्छ और सांप लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं। वन विभाग के गश्ती दल गुलदार व बाघ की ग्रामीण क्षेत्र में आवक से जूझ रहे हैं। ऐसे में नदी में जलीय जीवों से लोगों की सुरक्षा एक बड़ी समस्या बन सकती है।
- अफजलगढ़ बैराज के नीचे चार मगरमच्छ के परिवार मौजूद
वन दरोगा सुनील राजौरा ने बताया कि उनके द्वारा नदी में चार मगरमच्छ पकड़कर गत वर्षों में छोड़े गए थे। अब तो अपना परिवार भी बना चुके हैं। उनसे दूरी बनाना ही उचित है।
- गश्ती दल सतर्क, रेस्क्यू के इंतजाम
बिजनौर के डीएफओ अरुण कुमार सिंह का कहना है कि नदी में प्रवेश करने से पहले सुरक्षा को देख लेना चाहिए। मगरमच्छ आदि से बचाव के लिए रेस्क्यू का पूरा इंतजाम किया जा सकता है। लोगों को नदी से दूरी बनाना ही उचित रहेगा। जगह जगह बोर्ड आदि लगाकर खतरे की सूचना दी जा चुकी है।
- नदी में डूबते हुए को बचाने के लिए गोताखोर मौजूद
अफजलगढ़ की पुलिस क्षेत्राधिकारी अर्चना सिंह का कहना है कि पुलिस के पास गोताखोर मौजूद हैं। समय पर उनकी मदद ली जाती है। नदी के क्षेत्र में जाने से बचना चाहिए।