बिजनौर। अब पांच से नौ किलोवाट वाले बिजली कनेक्शनों की बिजली बिलिंग एमआरआई से होगी। अभी तक इन कनेक्शनों की बिजली बिलिंग मीटर रीडर द्वारा रीडिंग के आधार पर होती थी। इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं को त्रुटि रहित बिजली बिल बनाकर समय से उपलब्ध कराए जाएंगे। रीडिंग को ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम पर अपलोड किया जाएगा।
पश्चिमांचल ऊर्जा निगम ने अपने उपभोक्ताओं को त्रुटिपूर्ण विद्युत बिलों से राहत प्रदान करने के दृष्टिगत, एमआरआई (मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेन्ट) आधारित बिलिंग का निर्णय लिया है। एमआरआई आधारित बिलिंग के तहत मशीन द्वारा मीटर से रीडिंग प्राप्त की जाएगी। कर्मचारी मीटर पर डाटा केबल लगाकर एमआरआई करेगा। रीडिंग को मानवरहित तरीके से बिलिंग सिस्टम पर अपलोड किया जाएगा। यह व्यवस्था पांच से नौ किलोवाट भार के विद्युत उपभोक्ताओं के लिए लागू कर दी गई है।
- नई व्यवस्था लागू हुई
बिजली अफसरों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू हो गई है। इस कारण अभी कहीं बिल मिलने में उपभोक्ताओं को समय लगेगा। इसके लिए विद्युत उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील कर रहे हैं। इस दौरान ऐसे उपभोक्ताओं के संयोजन-विच्छेदन की कोई कार्यवाही विद्युत विभाग द्वारा नहीं की जाएगी। इस व्यवस्था से मीटर रीडर की मनमानी या लापरवाही नहीं की जा सकेगी।
त्रुटि की गुंजाइश नहीं रहेगी : प्रदीप कुमार
बिजनौर डिविजन के एसडीओ सदर प्रदीप कुमार ने बताया कि पांच से नौ किलोवाट वाले बिजली कनेक्शनों की बिलिंग एमआरआई से ही होगी। इससे उपभोक्ताओं को पारदर्शिता के साथ बिल मिलेगा। त्रुटि की गुंजाइश न के बराबर हो जाएगी।