धामपुर। सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना को शुरू किया गया है। इसके तहत अब कोई भी व्यक्ति अपने गांवों में या फिर निजी संस्था आदि के विकास में यादगार स्मृति को बनाने के लिए निर्माण करा सकता है। प्रोजेक्ट के सापेक्ष 60 प्रतिशत धनराशि को संबंधित व्यक्ति को खुद वहन करनी होगी। बाकी 40 प्रतिशत धनराशि प्रदेश सरकार की ओर से वहन की जाएगी।
ब्लाॅक प्रमुख क्षमा हेमलता चौहान ने बताया कि सरकार की ओर से गांवों को चमकाने की दिशा में योजना चलाई गई है। जो व्यक्ति अपने महापुरुषों, माता-पिता, सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं में बतौर स्मृति देश समाज के लिए कुछ समर्पित करना चाहते हैं। उनके लिए यह बढि़या योजना है। लोगों से प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं। प्रस्तावों को विकास विभाग की ओर से मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा। जिससे पंचायतों में संबंधित प्रोजेक्टों को धरातल पर उतारा जा सके।
ग्राम पंचायतों को विकास कार्य करने के लिए वृहद कार्य क्षेत्र मिला है। कार्य क्षेत्रों में प्रभावी विकास कराने का दायित्व पंचायत विभाग का है। आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं के सृजन के लिए अब योजनाओं के साथ निजी सहभागिता को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसा होने से निजी निवेश, तकनीकी सहयोग, सुपरविजन उपलब्ध होने से कार्यों की गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी होगी।
- योजना के तहत यह होगा निर्माण
ब्लाॅक प्रमुख ने बताया कि इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति स्कूल, कॉलेजों की कक्षाओं का निर्माण, स्मार्ट क्लासेस की स्थापना सामुदायिक भवन, विवाह हेतु मैरिज हॉल (बरात घर), स्किल सेंटर का निर्माण, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र (चिकित्सा विभाग द्वारा स्वीकृत और स्थापित होना चाहिए) उप चिकित्सा केंद्र भवन, साज-सज्जा, उन्नयन, उपकरण, आंगनबाड़ी-मध्यान्ह भोजन का रसोईघर, भण्डारण गृह, पुस्तकालय, ऑडीटोरियम, खेलकूद स्टेडियम के लिए व्यायामशाला, उपकरण, ओपन जिम, पंचायतों में सीसीटीवी कैमरा, सर्विलांस सिस्टम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, अंत्येष्टि गृह का निर्माण, विकास, जल उपचारण की व्यवस्था, सीवरेज, एसटीपी सिस्टम मैनेजमेंट आदि में निजी सहभागिता कर सकते हैं।
- संबंधित व्यक्ति की इच्छा से एजेंसी कराएगी कार्य
बताया गया कि योजना के तहत संबंधित व्यक्ति की इच्छा के अनुसार उसकी पसंद की एजेंसी से कार्य होगा। नक्शा, डीपीआर आदि कार्य से संबंधित विभाग के प्राधिकारी द्वारा स्वीकृति से होगा। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से योजना का लाभ उठाकर गांवों को विकसित करने में योगदान की अपील की है।