बिजनौर। किसान सहकारी चीनी मिल की देखरेख के लिए किसानों का अपना बोर्ड है, उनके चुने गए प्रतिनिधि प्रबंध समिति मेें शामिल हैं। मगर प्रबंध समिति भी निगरानी में नाकाम साबित हो रही है। गड़बड़ियों की शिकायत पर डीएम द्वारा बैठाई गई जांच में कई का फंसना तय माना जा रहा है। इसमें मिल अधिकारियों में खलबली मची हुई है। जांच अधिकारियों ने रिकाॅर्ड तलब करने की तैयारी कर ली है। जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे।
नजीबाबाद की किसान सहकारी चीनी मिल में कारखाने के सामान की खरीद फरोख्त से लेकर अन्य मामलों में गड़बड़ी की गई, इसकी शिकायत प्रबंध समिति के दो संचालकों और भाजपा नेताओं ने डीएम से की। डीएम ने मामले की जांच सीडीओ को सौंपी है।
कुछ किसानों ने बताया कि प्रबंध समिति में शामिल कुछ संचालक मिल से मिलने वाली सुविधाओं में व्यस्त हो जाते हैं। किसानों की तमाम समस्याएं जस की तस बनी रहती है। हालांकि कुछ संचालक मिल अफसरों पर गड़बड़झाले के आरोपों की निष्पक्ष जांच के पक्ष में हैं। सहकारी समिति के चेयरमैन सुशील चौहान ने बताया कि मामले को लखनऊ तक ले जाया जाएगा। चीनी मिल में गड़बड़ी का मामला जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सीएम के समक्ष भी उठाएंगे।
nबीत गया पेराई सत्र, बोर्ड की हुई महज एक बैठक : नवंबर 2024 में सहकारी चीनी मिल की प्रबंध समिति का चुनाव हुआ था। किसानों ने सदस्यों को चुनकर भेजा। सदस्यों ने फिर संचालकों को चुना। अब बोर्ड में 12 संचालक है, जोकि उपसभापति का चुनाव करते हैं।
इस समिति पर चीनी मिल के बेहतर संचालन की जिम्मेदारी है मगर चुनाव से लेकर अब तक बोर्ड की केवल एक बैठक ही हो सकी। कुछ घंटों की उक्त बैठक सारे मामलों का कहां तक उठाया गया होगा।