बिजनौर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले के बाद से कोई भी कर्मचारी जिला वित्त प्रबंधक का चार्ज लेने को तैयार नहीं है। इसके चलते एनएचएम में एकाउंट संबंधित कार्य रुक गए हैं। सीएमओ ने सारे मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
एनएचएम में हुए करीब तीन करोड़ दस लाख के घोटाले के चलते स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। कोई भी कर्मचारी जिला वित्त प्रबंधक का चार्ज लेने को तैयार नहीं है। घोटाले में शामिल पूर्व जिला वित्त प्रबंधक आैर एक बाबू को जेल भेजा जा चुका है।
पूर्व जिला वित्त प्रबंधक का स्थानांतरण होने के बाद बृजमोहन को चार्ज दिया गया था। लेकिन बृजमोहन ने मिशन निदेशक को पत्र लिखकर अपने स्थानांतरण की मांग की थी। अगर उनका स्थानांतरण नहीं किया जाता तो उनका इस्तीफा मंजूर किया जाए। एडी मुरादाबाद ने जिला वित्त प्रबंधक के पद पर रामपुर से एक कर्मचारी को अटैच किया था लेकिन उस कर्मचारी ने भी घोटाले के चलते चार्ज नहीं लिया था। इसके चलते सीएमओ कार्यालय में एकाउंट संबंधित कार्य रुके हुए हैं। सीएमओ डा. सुखबीर सिंह ने पत्र लिखकर सारे मामले से मिशन निदेशक व वित्त नियंत्रक एनएचएम को अवगत करा दिया है। हालांकि कुछ माह पहले लखनऊ से टीम जांच करने आई थी।