बड़ों को तो लूटा ही गरीबों की भी चली गई जमा पूंजी
गौरव गोयल
नगीना। अल फैजान म्यूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड के संचालक फैजी द्वारा खातेदारों के करोड़ों रुपये की नकदी व जेवरात लेकर फरार हो जाने के बाद नगीना के मध्यम व निम्न श्रेणी के कई लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। नगीना व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के कई लोगों की मुस्लिम फंड बंद होने के बाद जमा रकम डूबने से कमर टूट गई।
मंगलवार सवेरे से मुस्लिम फंड बंद होने व नगीना के लोगों की करोड़ों की रकम डूबने की चर्चा नगर के हर चौराहे पर खूब हो रही है। उधर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष अब्दुल कय्यूम राईन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायतीपत्र में अल फैजान म्यूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड के सभी संचालकों, कर्मचारियों व एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। थाना प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मुरारी दोहरे का कहना है कि इस मामले में अब तक 175 लोगों की तहरीर प्राप्त हो गई है। आरोपियों के घरों पर दबिश दी जा रही है, लेकिन अभी सभी फरार है। (संवाद)
सभी एजेंट ने पुलिस महानिदेशक से की शिकायत
अल फैजान शाखा के संचालक ने लोगों का रुपये शाखा में एकत्र कराने के लिए करीब 16 एजेंट नगीना व आसपास के देहात क्षेत्र में छोड़ रखे थे। बताया जाता है कि यह सभी प्रतिदिन लोगों से रुपया एकत्र कर शाखा में जमा करते थे। सभी एजेंट ने पुलिस महानिदेशक लखनऊ को भेजे गए शिकायतीपत्र में कहा कि अल फैजान शाखा के संचालक फैजी ने जनता के करीब 15-16 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गया है।
प्रलोभन में आकर हुए ठगी के शिकार
अल फैजान शाखा के एक एजेंट ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि शाखा में खातेदारों को मोटा ब्याज देकर खाता खुलवाने व एफडी बनवाने के लिए प्रलोभन दिया जाता था। एजेंट ने बताया कि शाखा में 50 हजार रुपये की 5 साल की एफडी पर करीब 32 हजार ब्याज दिया जाता था। बताया कि प्रतिदिन कलेक्शन वाले खाते में 3 वर्षों तक 50 रुपये प्रतिदिन जमा करने पर खातेदार को करीब 7 हजार रुपये का ब्याज मिलता था। एजेंट की माने तो इन सब लाभकारी योजनाओं ने लोगों को ठगी का शिकार बनाया।
कई व्यापारियों की भी जमा थी मोटी रकम
अल फैजान म्यूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड शाखा के बंद हो जाने के बाद आम लोगों के साथ-साथ ऐसे तमाम बड़े लोगों के चेहरे पर भी पसीना आ गया, जिन्होंने सरकार की निगाहों से बचने के लिए राष्ट्रीय कृत बैंकों के बजाय इस शाखा में अपनी मोटी रकम जमा करने का फैसला किया था। सूत्रों की अगर मानें तो नगीना के कई बड़े व्यापारियों की काफी मोटी रकम इस शाखा में जमा थी। हालांकि अभी जिन लोगों की मोटी रकम डूबी है। ऐसी सभी लोग पुलिस को तहरीर देने से बचते नजर आ रहे हैं।
जेवर और नकदी भी गई
एक प्रतिष्ठान पर मात्र 3500 रुपये की मासिक नौकरी कर परिवार पालने वाली नगर के मोहल्ला कस्बा निवासी सुमन ने बताया कि उसने अपने बीमार पति के इलाज के लिए एक तोला सोने के जेवरात जमा कर 16 हजार रुपये ब्याज पर उधार लिए थे, जबकि 3 साल की अवधि के लिए खोले गए डेली कलेक्शन के खाते में उसके करीब 21 हजार रुपये जमा थे।