पंचायत भवन में नाममात्र का लगाया सीमेंट
बिजनौर। पंचायत गारबपुर में पंचायत भवन के निर्माण में गड़बड़ी सामने आई है। निर्माण के समय नाममात्र का सिमेंट इस्तेमाल किया गया, रेत से ही पूरा निर्माण कर दिया। बीम झुका तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारियों ने छत गिरने तक की आशंका जता दी। इसके बाद ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया गया। उधर, रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक के खिलाफ कार्रवाई के लिए उपायुक्त मनरेगा को पत्र लिखा गया है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 समाप्त हो गया है। प्रशासन गांवों के विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच करने में लगा है। डीएम उमेश मिश्रा स्वयं गांवों में जा रहे हैं। गुणवत्ता सही नहीं मिलने पर कार्रवाई हो रही है। डीपीआरओ सतीश कुमार ने आज कोतवाली ब्लॉक की पंचायत गारबपुर के विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया। पंचायत में पंचायत घर व सामुदायिक शौचालय का निर्माण होने के साथ ही प्राथमिक विद्यालय में कायाकल्प योजना में काम हुए हैं। डीपीआरओ को विकास कार्य मानक अनुरूप नहीं होने की शिकायत मिल रही थी।
करीब छह माह से बंद था निर्माण कार्य
डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि पंचायत भवन की छत पड़ गई थी। प्लास्टर, फर्श, टाइल्स, बिजली व पानी पाइप फिटिंग का काम नहीं हुआ था। काम करीब छह माह से बंद था। बीम सपोर्ट ठीक नहीं था, जिससे वह झुक गया। इसकी छत कभी भी गिर सकती थी। शौचालय की दीवारों में जगह-जगह दरार पड़ी थीं। बाथरूम में ड्रेन पाइप, टेप, हैंडवॉश, कमरों में बल्ब नहीं लगे थे। केयरटेकर ड्यूटी से नदारद था। प्राथमिक विद्यालय के कमरों, किचन की टाइल्स नहीं बिछी थीं।
रोजगार सेवक ने कराया था निर्माण
डीपीआरओ सतीश कुमार के अनुसार ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि पंचायत घर का निर्माण रोजगार सेवक ने कराया है। ग्रामीणों ने बार-बार घटिया निर्माण सामग्री लगाने की शिकायत की थी। प्रथम दृष्टया निर्माण में घटिया सामग्री लगाना तथा गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखना सामने आया है। मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी, रोजगार सेवक और ग्रामप्रधान दोषी हैं।