नवरात्र : घोड़े पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा
बिजनौर । चैत्र नवरात्र दो अप्रैल से शुरू है। नवरात्र नौ दिन चलते हैं। नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा उसके स्वरूप के अनुरूप होती है। इस बार मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आ रही है। चैत्र नवरात्र में घट स्थापना का विशेष महत्व है।
सिविल लाइंस स्थित धार्मिक संस्थान विष्णु लोक के ज्योतिषाचार्य पंडित ललित शर्मा के अनुसार घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 6:15 बजे से 8:31 बजे तक रहेगा। प्रात: नौ बजकर दस मिनट से 30 मिनट तक राहुकाल है। राहुकाल में कोई शुभ कार्य नहीं होता है। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त अपराह्न 11:59 बजे से 12:48 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त में घट स्थापना की जा सकती है।
ये बन रहे योग
ज्योतिषाचार्य पंडित ललित शर्मा ने बताया कि चैत्र नवरात्र में तीन अप्रैल, पांच अप्रैल, छह अप्रैल, नौ अप्रैल और 10 अप्रैल को सर्वार्थ सिद्धि योग है। बताया कि 10 अप्रैल को रवि पुष्प का योग भी बन रहा है, जो बहुत ही फलदाई है। इस योग में नये कार्य, धार्मिक कार्य और व्यापारिक कार्य करना अत्यंत श्रेष्ठ है। सोना, चांदी, वाहन, भवन तथा भूमि की खरीदारी शुभ है।
ये है मां दुर्गा के वाहन
बताया कि इस बार मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं। वर्ष में दो बार आने वाले नवरात्र में मां का वाहन अलग-अलग होते हैं। देवी के हर वाहन का महत्व अलग है। हर बार मां नए वाहन पर धरती पर आती हैं और नए वाहन पर ही देवलोक को प्रस्थान करती हैं। मां दुर्गा इस बार भैंसें पर देवलोक को प्रस्थान करेंगी। मां दुर्गा के वाहन डोली, नाव, घोड़ा, भैंसा और हाथी है।
वाहनों के प्रभाव
मां दुर्गा जब हाथी पर सवार होकर आती हैं तो वर्षा अधिक होती है। घोड़े पर सवार होकर आती हैं तो युद्ध के हालात पैदा होते हैं। नौका पर सवार होकर आती हैं तो सबसे अच्छा होता है। मां डोली में बैठकर आती हैं तो महामारी संहार का अंदेशा रहता है। इस बार मां दुर्गा घोड़े पर आ रही हैं तथा भैंसें पर देवलोक को प्रस्थान करेंगी। शास्त्रानुसार दोनों वाहनों को ही अच्छा नहीं माना जाता है।
मां दुर्गा के ये हैं नौ स्वरूप
शैल पुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी तथा सिद्धीदात्री मां दुर्गा के स्वरूप हैं। नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूप की पूजा होती है। नवरात्र में दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।